गोरखपुर: पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता के तबादले पर आमने-सामने भाजपा विधायक और सांसद
- नगर विधायक डॉ. अग्रवाल की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तबादले का दिया था मौखिक आदेश
- सांसद रवि किशन, विधायक विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह व संगीता यादव आए सहायक अभियंता के समर्थन में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता केके सिंह के तबादले के मौखिक आदेश के मामले में भाजपा के जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान सतह पर आ गई है। पहले शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद ने सहायक अभियंता को हटाने का विरोध किया। अब भाजपा के तीन विधायक आगे आए हैं।
पिपराइच और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायकों ने सहायक अभियंता को अच्छा अधिकारी बताया है। साथ ही उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को पत्र लिखकर सहायक अभियंता के मुख्यालय संबद्धता का आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया है। चौरीचौरा से भाजपा विधायक संगीता यादव भी सहायक अभियंता के समर्थन में हैं।
शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने गोरखपुर-देवरिया फोरलेन की सिंघड़िया में ऊंचाई का मामला बीते दिनों विधानसभा में उठाया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर समस्या बताई। विधायक ने कहा कि सिंघड़िया में सड़क की ऊंचाई से जलभराव की विकट समस्या होगी। यह परियोजना बिना किसी अध्ययन के स्वीकृत हुई है। निर्माण कार्य भी चल रहा है।
इसका संज्ञान उपमुख्यमंत्री ने लिया और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ को फोन करके मौखिक ही सहायक अभियंता केके सिंह को मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश दिया। जब मामला मीडिया में आया तो भाजपा के सांसद, विधायक सहायक अभियंता के समर्थन में उतर आए हैं।
सहायक अभियंता हटे तो काम में होगी देरी
सबसे पहले सांसद रवि किशन ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सहायक अभियंता का तबादला रोकने का अनुरोध किया। इसकी पुष्टि भी सांसद ने की थी। अब ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विपिन सिंह और पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से विधायक महेंद्रपाल सिंह ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सहायक अभियंता का खुला समर्थन किया है। दोनों विधायकों ने पत्र लिखने की बात स्वीकार की।
चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक संगीता यादव भी सहायक अभियंता के समर्थन में आ गई हैं। विधायक विपिन सिंह ने तो सहायक अभियंता के खिलाफ की गई शिकायत को ही गलत करार दिया है। उनका कहना है कि माननीय ने गलतफहमी में गलत शिकायत कर दी है।
शहर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद रवि किशन ने बताया कि फोरलेन बन रहा है। सिंघड़िया की सड़क पर घुटने तक पानी लगता है। इससे जनता को बड़ी परेशानी होती है। सड़क ऊंचाई का काम अच्छा है। यह काम सहायक अभियंता करा रहे हैं। वह अनुभवी हैं, इसलिए उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। सहायक अभियंता हटे तो काम में देरी होगी। मुख्यमंत्री की मंशा के हिसाब से काम तेज होना चाहिए।
सच क्या, जनता विश्लेषण कर लेगी
शहर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने बताया कि मैं गोरखपुर शहर क्षेत्र का विधायक हूं। नागरिकों की समस्याओं के लिए स्टैंड लेना मेरी जिम्मेदारी है। मैंने जो महसूस किया, वह विधानसभा को बता दिया। सरकार जनता के हित में जो उचित समझेगी, निर्णय लेगी। इसमें मेरी कोई निजी प्रतिष्ठा या जिद तो है नहीं। सांसद रवि किशन का स्टैंड समझ में आया, क्योंकि वे भी उसी क्षेत्र से सांसद हैं। पिपराइच व गोरखपुर ग्रामीण के विधायकगणों का इस मामले में बोलना समझ से परे है। मैं, इस मामले का यहीं पटाक्षेप करता हूं। निर्णय का दायित्व सरकार और विश्लेषण का दायित्व जनता पर छोड़ता हूं।
किसी माननीय ने गलतफहमी में की गलत शिकायत
ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विपिन सिंह ने बताया कि किसी माननीय ने गलतफहमी में इनकी (सहायक अभियंता केके सिंह) शिकायत आपसे की है, जो पूर्णतया गलत व मनगढ़ंत है। अगर इस भ्रामक शिकायत पर किसी अच्छे अधिकारी का स्थानांतरण या मुख्यालय से संबद्ध कर दिया जाएगा तो अच्छा कार्य करने वाले लोगों का मनोबल टूट जाएगा। विधानसभा क्षेत्र का कामकाज भी प्रभावित होगा।
तो सड़कों के निर्माण में होगी देरी
पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि सहायक अभियंता द्वारा विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण काम समय से कराया जा रहा है। इनको कहीं अन्यत्र भेजने से विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के निर्माण में देरी हो सकती है।
छोटे अधिकारी को हटाने का कोई मतलब नहीं
... तो शीतल पांडेय का लेटरपैड किसने लिखा?
सहायक अभियंता केके सिंह के समर्थन में सहजनवां से भाजपा विधायक शीतल पांडेय का भी लेटर पैड लगा है। हालांकि इस लेटर पैड को विधायक ने फर्जी करार दिया। उनका कहना है कि इंजीनियर के समर्थन में कोई पत्र नहीं लिखा है। पत्र कैसे, किसने जारी किया, इसकी जानकारी ली जाएगी। इंजीनियर को जानता ही नहीं हूं। इंजीनियर को ईमानदारी का तमगा मैं कैसे दे सकता हूं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल विधायक शीतल पांडेय के पत्र में सहायक अभियंता केके सिंह को कर्मठ, लगनशील और कर्मशील बताया गया था। कहा गया था कि सहजनवां विधानसभा क्षेत्र में कराए गए कार्य गुणवत्तापरक हैं। इनके कार्यों व अनुभवों की गोरखपुर को आवश्यकता है।