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Gorakhpur News: प्रिंस ने रची थी दोस्तों संग साजिश, साथियों की तलाश

Thu, 11 Apr 2024 10:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 11 Apr 2024 10:45 AM IST
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Prince had hatched a conspiracy with friends, search for accomplices in gorakhpur 50 lack matter
दरोगा आलोक सिंह - फोटो : अमर उजाला
 चेकिंग के दौरान 50 लाख रुपये हड़पने के मामले में चौकी इंचार्ज आलोक सिंह और प्रिंस श्रीवास्तव तो दबोच लिए गए, लेकिन इसमें शामिल प्रिंस के शातिर दोस्तों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। इस पूरे रैकेट के पीछे का असल मास्टरमाइंड प्रिंस श्रीवास्तव ही है।
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वह केस दर्ज कराने वाले नवीन श्रीवास्तव का पुराना परिचित था और दरोगा आलोक सिंह का भी दोस्त था। उसने ही आलोक सिंह के साथ मिलकर साजिश रची, जिसमें उसके अन्य दोस्त भी शामिल हैं।
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नवीन को पकड़े जाने के बाद भी इस बात की भनक नहीं लगी थी। दरोगा आलोक सिंह ने भी इस तरह से व्यवहार किया, जैसे प्रिंस को वह जानता ही नहीं। उसने दोनों को जेल भेजने की घुड़की दी और फिर प्रिंस ने नवीन का दोस्त बनकर दरोगा से बातचीत करने का झांसा देकर जालसाजी कराई।
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, तीन अप्रैल को नवीन रुपया लेकर जाएगा, इसकी जानकारी प्रिंस को सटीक तौर पर थी। उसने ही दोस्तों संग मिलकर रुपया हड़पने की साजिश रची, लेकिन इसके लिए उसे एक पुलिस वाले की जरूरत थी।

फिर सभी ने मिलकर आलोक सिंह से सेटिंग कर ली। सुबह छह बजे जैसे ही चरनलाल चौक पर नवीन रुपयों से भरा बैग लेकर पहुंचा, इसकी जानकारी दरोगा आलोक सिंह को दी गई। दरोगा ने तीन लोगों के साथ ही नवीन को रोका।

बकौल नवीन, रुकते ही दरोगा ने जांच कराने के लिए कहां और पूछा कि थैले में क्या है और तुम लोग कौन हो, मैंने व गगन ने अपना परिचय दिया और थैले में 50 लाख रुपये होने की बात कही। यह सुनते ही दरोगा और सादे कपड़ों में खड़े लोग एक-दूसरे को देखकर इशारा करने लगे। तभी नवीन ने दरोगा के साथ खड़े प्रिंस की पहचान कर ली।

प्रिंस नवीन से पहले भी कई बार मिल चुका था। उससे नवीन बात करने लगा तभी दरोगा ने बैग ले लिया और कहने लगा कि चुनाव के समय इतनी बड़ी रकम बिना अनुमति के कहां से लेकर जा रहे हो, जरूर यह चोरी या लूट की होगी, तुम लोग व्यापारी नहीं हो। यह कहते हुए दरोगा रुपयों से भरा बैग लेकर चौकी के अंदर चला गया।

इसके बाद लूट में जेल भेजने की धमकी नवीन और प्रिंस दोनों को दी गई। फिर यही से तय स्क्रिप्ट के तहत प्रिंस श्रीवास्तव ने दरोगा से बात करने की बात कही और अंदर चला गया।

थोड़ी देर बाद बाहर आया तो बोला कि अगर जेल जाने से बचना है तो अंदर जाकर बोल दो कि साहब आप रुपयों कि जांच कर लो हमें घर जाने दो हमें झूठे केस में जेल मत भेजना। दोपहर में आकर अपना पैसा वापिस ले जाएंगे। साथ में खड़े कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी हमें यह बात समझाई। इसके बाद ही नवीन अपने भाई गगन के साथ अंदर गया और फिर यही बात दोहरा दी।


दरोगा ने रुपयों की जांच कराने की बात कहते हुए छोड़ दिया। जांच होने के बाद खुद ही कॉल करने की बात कही। दो दिन फोन नहीं आने पर गए तो वहां पर प्रिंस अपने साथियों के साथ दरोगा आलोक सिंह से बातचीत कर रहा था। फिर सब मिलकर धमकी देते हुए भगा दिए।
 
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