विधानसभा चुनाव 2022: यूपी से सटे बिहार के गांवों में भी होगी निरोधात्मक कार्रवाई, एडीजी जोन ने अफसरों के साथ की मीटिंग
विधानसभा चुनाव को लेकर एडीजी जोन ने बिहार के अफसरों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की। एडीजी ने कई महत्पूर्ण जानकारियां मांगी। गुंडों और चुनाव में खलल पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की सहमति बनी।
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उत्तर-प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। यूपी से सटे बिहार के गांवों में निरोधात्मक कार्रवाई को लेकर दोनों ही प्रदेशों के अफसरों के बीच वार्ता हुई है। शनिवार को गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार ने बिहार के एडीजी विधि व्यवस्था सहित अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की। एडीजी अखिल कुमार ने सीमा पर लगने वाले बिहार के गांवों, मोहल्लों और वहां के रहने वाले अराजक तत्वों, गुंडों की सूची मांगी है।
जानकारी के मुताबिक, जोन के देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर जिला बिहार से सटा है। खासकर देवरिया व कुशीनगर जनपद के सीमावर्ती थानाक्षेत्रों के कई गांव व बिहार के गोपालगंज, सीवान, बेतिया, बगहा आदि सीमा के कई गांव की खुली सीमा है। यहां कई पगडंडियां व नदियों के रास्ते भी मिले हैं, जहां से चुनाव में खलल पहुंचाने की कोशिश होती है।
यही वजह है कि यहां पर कार्रवाई करने के साथ ही सीमा से लगने वाले बिहार के गांवों में भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक में एडीजी गोरखपुर के अलावा बिहार के एडीजी विधि व्यवस्था, डीआईजी सारण, बेतिया, एसपी गोपालगंज, एसपी सीवान, एसपी बगहा, एसपी महराजगंज, एसपी कुशीनगर, एसपी देवरिया आदि मौजूद रहे।
यूपी को आने अंदरुनी रास्तों की सूची मांगी
एडीजी अखिल कुमार ने बिहार पुलिस ने सीमावर्ती थानों के गांवों, मोहल्लों की सूची मांगी है। साथ ही वहां के अराजक तत्वों, गुंडों की सूची मांगी है। साथ ही कहा है कि ऐसे लोगों जिनपर चुनाव में खलल डालने की आशंका हो उनपर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। एडीजी ने बिहार के सीमावर्ती जनपदों के जाने वाले रास्तों, पगडंडियों की सूची के साथ ही सीमा पर लगने वाले पिकेट, बैरियर्स, पेट्रोलिंग की जानकारी मांगी है।
वहीं एडीजी ने बार्डर के जनपदों के नदियों व उनके रास्तों पर की जाने वाली पेट्रोलिंग की सूची मांगी है। एडीजी ने वहां के वारंटियों, माफियाओं,वांछितों आदि के बारे में भी जानकारी मांगी है।
अवैध असलहों, नशीले सामानों की तस्करी रोकने की अपील
बिहार व यूपी नेपाल से भी सटा है अक्सर नेपाल से होकर बिहार होते हुए शराब, चरस, गांजा और अवैध असलहों की खेप यूपी लाई जाती है। कई बार पकड़ी भी गई है। जिसे देखते हुए कहीं चुनाव में इसका इस्तेमाल न हो इसलिए एडीजी ने बिहार के अधिकारियों से इसपर रोक लगाने को कहा है। इसके अलावा एडीजी ने कहा कि दोनों प्रदेश के सीमावर्ती थानाक्षेत्रों के पुलिसकर्मी आपसी संवाद स्थापित करें, गोष्ठी करें और संचार को दुरूस्त करें। ताकि साथ मिलकर इस पर कार्रवाई कर सकें।