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Gorakhpur News: ''नाटक अभी बाकी है'' में दिखा रंगमंच का संघर्ष और समर्पण
Mon, 06 Jul 2026 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 06 Jul 2026 02:24 AM IST
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बौद्ध संग्रहालय में युवा रंगमंच कार्यशाला के तहत नाटक का मंचन करते कलाकार।
गोरखपुर। भारतेंदु नाट्य अकादमी एवं दर्पण गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 30 दिवसीय अभिनय कार्यशाला का समापन ''नाटक अभी बाकी है'' के सफल मंचन के साथ हुआ। इसमें रंगमंच का संघर्ष और समर्पण दिखा।
नाटक में एक ऐसी रंगमंच संस्था की कहानी दिखाई गई, जो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद वर्षों से रंगमंच को जीवित रखने का प्रयास करती है। इसमें यह भी दिखाया गया कि आज के समय में युवा सोशल मीडिया और फिल्मों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जबकि रंगमंच धैर्य, अनुशासन और समर्पण की मांग करता है। रंगमंच कलाकारों को अभिनय के साथ टिकट बेचने जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
कहानी में उस समय रोचक मोड़ आता है, जब मंचन से ठीक पहले दो कलाकार अभिनय से इन्कार कर देते हैं। इसके बाद अचानक नए कलाकारों को मंच पर उतारा जाता है, जिससे गंभीर नाटक हास्य का रूप ले लेता है। अंत में एक वरिष्ठ रंगकर्मी कलाकारों को रंगमंच की गरिमा और जिम्मेदारी का महत्व बताते हैं। सभी कलाकार अपनी गलती स्वीकार कर बेहतर रंगकर्म का संकल्प लेते हैं।
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मंच पर उमा शंकर मिश्र, राज मौर्य, प्रियांशु वर्मा, नागेंद्र भारती, मोनी साहनी, आराधना गुप्ता, शिवा श्रीवास्तव, सुमित उरांव, देव, शीतल साहनी, पूर्णिमा आनंद, आर्यन तिवारी, रितिका सिंह, सिमरन मिश्रा आदि ने अभिनय किया।
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नाटक में एक ऐसी रंगमंच संस्था की कहानी दिखाई गई, जो आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के बावजूद वर्षों से रंगमंच को जीवित रखने का प्रयास करती है। इसमें यह भी दिखाया गया कि आज के समय में युवा सोशल मीडिया और फिल्मों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जबकि रंगमंच धैर्य, अनुशासन और समर्पण की मांग करता है। रंगमंच कलाकारों को अभिनय के साथ टिकट बेचने जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
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कहानी में उस समय रोचक मोड़ आता है, जब मंचन से ठीक पहले दो कलाकार अभिनय से इन्कार कर देते हैं। इसके बाद अचानक नए कलाकारों को मंच पर उतारा जाता है, जिससे गंभीर नाटक हास्य का रूप ले लेता है। अंत में एक वरिष्ठ रंगकर्मी कलाकारों को रंगमंच की गरिमा और जिम्मेदारी का महत्व बताते हैं। सभी कलाकार अपनी गलती स्वीकार कर बेहतर रंगकर्म का संकल्प लेते हैं।
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मंच पर उमा शंकर मिश्र, राज मौर्य, प्रियांशु वर्मा, नागेंद्र भारती, मोनी साहनी, आराधना गुप्ता, शिवा श्रीवास्तव, सुमित उरांव, देव, शीतल साहनी, पूर्णिमा आनंद, आर्यन तिवारी, रितिका सिंह, सिमरन मिश्रा आदि ने अभिनय किया।