फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Pregnant kept suffering on ground doctors not reach till peek

गोरखपुर: गर्भवती जमीन पर तड़पती रही, झांकने तक नहीं पहुंचे डॉक्टर

Fri, 21 Oct 2022 10:33 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 21 Oct 2022 10:33 AM IST
सार

जंगल कौड़िया सीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष चौरसिया ने कहा कि महिला दो दिन पहले इलाज के लिए आई थी। उसको रक्तस्राव हो रहा था। डॉक्टरों ने देखकर दवा दी थी। बृहस्पतिवार सुबह जब मरीज को लेकर परिजन आए तो महिला डॉक्टर नहीं आई थीं। कुछ देर बाद जब डॉक्टर आईं तो मरीज के पति इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर चले गए। इस बीच आशा एंबुलेंस बुलाने के लिए गई थी।

विज्ञापन
Pregnant kept suffering on ground doctors not reach till peek
गोरखपुर समाचार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जंगल कौड़िया में डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब 9:30 बजे गर्भवती महिला के परिजन उसे लेकर सीएचसी पर पहुंचे। महिला को रक्तस्राव हो रहा था। इस समय तक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ अस्पताल नहीं पहुंचीं थीं।

विज्ञापन


करीब एक घंटे तक महिला अस्पताल के बाहर जमीन पर पड़ी डॉक्टर के इंतजार में तड़पती रही। लेकिन, चिकित्सक नहीं पहुंचीं। हद तो यह हो गई कि इस दौरान अस्पताल में मौजूद जनरल फिजीशियन ने भी महिला को प्राथमिक उपचार देने या उसका हाल पूछने की जरूरत नहीं समझी। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए और प्रसव कराया।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, जंगल कौड़िया ब्लॉक के ताल लिखिया गांव की रहने वाली राजमती (30) पत्नी राम सिंह पासवान को बृहस्पतिवार की सुबह प्रसव पीड़ा हुई। राम सिंह इलाज के लिए सुबह साढ़े नौ बजे के करीब सीएचसी जंगल कौड़िया ले गए। आरोप है कि इस दौरान इमरजेंसी की सुविधा नहीं थी और न ही अस्पताल में कोई भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ थीं। जबकि डॉक्टर के अस्पताल पहुंचने का समय सुबह आठ बजे होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

इस बीच राजमती जमीन पर तड़पती रहीं, लेकिन डॉक्टरों की संवेदना नहीं जगी। कोई डॉक्टर इलाज के लिए नहीं आया। इस बीच गर्भवती को रक्तस्राव हो रहा था और वह दर्द से कराह रहीं थीं। राम सिंह ने बताया कि एक घंटे से अधिक इंतजार के बाद जब हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो ऑटो में बैठा कर निजी अस्पताल में ले गए। जहां पर राजमति का प्रसव हुआ। इस मामले में लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया है।

जंगल कौड़िया सीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष चौरसिया ने कहा कि महिला दो दिन पहले इलाज के लिए आई थी। उसको रक्तस्राव हो रहा था। डॉक्टरों ने देखकर दवा दी थी। बृहस्पतिवार सुबह जब मरीज को लेकर परिजन आए तो महिला डॉक्टर नहीं आई थीं। कुछ देर बाद जब डॉक्टर आईं तो मरीज के पति इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर चले गए। इस बीच आशा एंबुलेंस बुलाने के लिए गई थी। लेकिन, उन्होंने सरकारी अस्पताल में इलाज कराने से इन्कार कर दिया। मामले की जांच कराई जाएगी।

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। यह बेहद गंभीर है। मामले की जांच कर स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed