{"_id":"6199ee6e9250a050526c2df4","slug":"pre-phd-examination-will-be-held-in-gorakhpur-university-from-20-to-24-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय: 20 से 24 दिसंबर के बीच होगी प्री-पीएचडी परीक्षा, विवि प्रशासन ने मानी छात्रों की मांगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय: 20 से 24 दिसंबर के बीच होगी प्री-पीएचडी परीक्षा, विवि प्रशासन ने मानी छात्रों की मांगे
Sun, 21 Nov 2021 12:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 21 Nov 2021 12:29 PM IST
सार
आंदोलनरत छात्रों की मांग थी कि अध्यादेश-2018 के मुताबिक परीक्षा कराई जाए और परीक्षा की तिथि भी घोषित हो। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में सत्र 2019-2020 के प्री-पीएचडी के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। छात्रों के अल्टीमेटम पर अमल करते हुए विवि ने शनिवार को अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। प्री-पीएचडी परीक्षा अब शोध अध्यादेश-2018 के मुताबिक होगी और परीक्षा 20 से 24 दिसंबर के बीच कराई जाएगी।
दरअसल, वर्ष 2019-20 में रेट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की प्री-पीएचडी परीक्षा नहीं हुई है। लगातार छात्र आंदोलनरत हैं। नाराज छात्रों ने 16 नवंबर को विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंदकर देर रात तक धरना दिया था। इसमें बहुत सारी छात्राएं भी अभिभावकों के साथ आ गई थीं।
आंदोलनरत छात्रों की मांग थी कि अध्यादेश-2018 के मुताबिक परीक्षा कराई जाए और परीक्षा की तिथि भी घोषित हो। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम सिटी ने उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए आश्वासन दिया था। हालांकि, शुक्रवार तक कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर छात्रों ने मुख्यमंत्री से मिलने की रणनीति बनाई थी।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि शनिवार को इसी के चलते बीच का रास्ता निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय ले लिया। निर्णय के मुताबिक छात्र-छात्राओं के रिसर्च मेथोडोलॉजी और पब्लिकेशन एथिक्स तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा शोध अध्यादेश- 2018 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार 20 से 24 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी। हालांकि इस निर्णय को लेकर छात्रों ने अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उनका कहना है जब लिखित आदेश देख लेंगे तब ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, वर्ष 2019-20 में रेट के माध्यम से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों की प्री-पीएचडी परीक्षा नहीं हुई है। लगातार छात्र आंदोलनरत हैं। नाराज छात्रों ने 16 नवंबर को विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंदकर देर रात तक धरना दिया था। इसमें बहुत सारी छात्राएं भी अभिभावकों के साथ आ गई थीं।
विज्ञापन
आंदोलनरत छात्रों की मांग थी कि अध्यादेश-2018 के मुताबिक परीक्षा कराई जाए और परीक्षा की तिथि भी घोषित हो। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम सिटी ने उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए आश्वासन दिया था। हालांकि, शुक्रवार तक कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर छात्रों ने मुख्यमंत्री से मिलने की रणनीति बनाई थी।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि शनिवार को इसी के चलते बीच का रास्ता निकालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्णय ले लिया। निर्णय के मुताबिक छात्र-छात्राओं के रिसर्च मेथोडोलॉजी और पब्लिकेशन एथिक्स तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा शोध अध्यादेश- 2018 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार 20 से 24 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी। हालांकि इस निर्णय को लेकर छात्रों ने अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। उनका कहना है जब लिखित आदेश देख लेंगे तब ही कोई निर्णय लिया जाएगा।