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मुंडेरवा चीनी मिल ने बगास से बिजली बनाई, 18.96 करोड़ की हुई कमाई

Sun, 09 Aug 2020 10:27 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 10:27 PM IST
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power generation in munderwan sugar mill, earned 18.96 crore
मुण्डेरवा शुगर मिल - फोटो : BASTI
मुंडेरवा चीनी मिल ने बगास से बिजली बनाई, 18.96 करोड़ की हुई कमाई
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पॉवर कारपोरेशन को बेची 42031 मेगावाट बिजली
मुंडेरवा। नवनिर्मित शुगर मिल ने पेराई सत्र 2019-20 में बगास से 63062 मेगावाट घंटे (एमडब्लूएच) बिजली उत्पादन किया। इसमें 42031 एमडब्लूएच बिजली उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को बेचकर मिल ने 18.96 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है। मिल प्रबंधन ने बताया कि 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेची गई। यह जिले की पहली शुगर मिल है जो गन्ना पेराई के साथ बिजली उत्पादन भी कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया था। पेराई सत्र 27 नवंबर से शुरू होकर एक अप्रैल तक चला। हालांकि निर्माणाधीन होने के कारण मिल पहले सीजन में अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पाई थी। फिर भी जिले की अन्य मिलों से बेहतर प्रदर्शन किया है। पहले सत्र में इसने 24500 हजार किसानों से 10500 हेक्टेयर रकबे का गन्ना खरीदा कर 44 लाख 22 हजार कुंतल गन्ने की पेराई की। जबकि इसकी क्षमता करीब 60 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है। गन्ने से चीनी का रिकवरी रेट करीब 9.2 रहा। मिल ने चार लाख तीन हजार कुंतल चीनी का उत्पादन भी किया। जीएम ब्रजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि किसानों से 139 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा गया है। मिल अब तक 98 करोड़ रुपये का भुगतान कर जिले में पहले स्थान पर है। कोरोना संक्रमण काल में किसानों का बकाया गन्ना भुगतान प्रभावित हुआ है। लेकिन इसे भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा।
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बकाया के एवज में ले सकते हैं चीनी
मिल प्रबंधन ने किसानों का फरवरी तक की धनराशि का भुगतान कर दिया है। बकाया गन्ना मूल्य की भुगतान प्रक्रिया में लगा हुआ है। जीएम ने बताया कि प्रमुख सचिव संजय आर भूषण रेड्डी के निर्देशानुसार किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के एवज में चीनी भी दी जा रही है। किसान पर्ची लाकर बकाया के एवज में चीनी भी ले सकते हैं। उन्हें प्रति पर्ची एक कुुंतल चीनी हर माह देने का निर्देश मिला है। इस योजना के तहत अब तक तीन सौ सात किसानों ने चीनी खरीदी है।
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