बस्ती श्रवण हत्याकांड: खराब शव का नहीं हो सका पोस्टमार्टम, युवती के बयान में खुल सकते हैं राज
साथ निकले दोस्त के बयान को आधार बनाकर चल ही जांच, कप्तानगंज थाने के परसपुरा गांव का निवासी था श्रवण कुमार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बस्ती जिले में 27 दिन से गायब कप्तानगंज थाने के परसपुरा निवासी श्रवण कुमार के शव का दूसरे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शव खराब हो जाने की वजह से इसमें काफी मुश्किलें आ रही हैं। रात साढ़े 10 बजे तक इंतजार के बाद परिवार के लोग निराश होकर लौटे।
वहीं, मामले के खुलासे के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा चुकी कप्तानगंज पुलिस श्रवण के साथ निकले दोस्त के बयान के आधार पर अपनी छानबीन को आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण पुलिस के किसी खास नतीजे पर पहुंचने में मुश्किल खड़ी हो गई है। बावजूद इसके पुलिस ने उभाई गांव की एक युवती समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं।
एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को सही दिशा मिल पाएगी। फिर भी साथ निकले दोस्त और अन्य लोगों के बयान के आधार पर छानबीन की जा रही है। श्रवण के पिता राजकुमार के मुताबिक रविवार को देर शाम चार बजे श्रवण के शव का पीएम शुरू हुआ डॉक्टरों की टीम ने रात 10 बजे तक पीएम करने में जुटे रहे लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाएं।
रात साढ़े दस बजे डॉक्टरों की टीम ने यह कहकर हाथ खड़ा कर दिया कि आज पीएम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। जिससे परिजनों को देर रात निराश लौटना पड़ा। वहीं, मामले का पर्दाफाश करने के लिए कप्तानगंज और दुबौलिया थाने की पुलिस उभाई गांव से एक युवती समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की बिंदुवार जांच पड़ताल कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला
श्रवण कुमार अपने पड़ोसी दोस्त के साथ 20 जून की शाम दुबौलिया थानाक्षेत्र के उभाई गांव में रिश्तेदारी में जाने के लिये निकला था। उसके दोस्त के मुताबिक वह देर रात किसी लड़की से बात कर रहा था। तभी गांव के लोगों ने उसकी पिटाई करके गांव के उत्तर तरफ मनोरमा नदी की तरफ खदेड़ा था। दोस्त ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जब श्रवण कुमार घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने खोजबीन की।
खोजबीन के दौरान उभाई गांव के तटबंध पर श्रवण का जूता मिला, तभी से परिजनों ने उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई। 23 जून को उसके पिता राजकुमार ने मामले की लिखित सूचना कप्तानगंज और दुबौलिया थाने पर दी थी, लेकिन दोनो थानों की पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इधर 17 जुलाई को दोपहर में कप्तानगंज थानाक्षेत्र के टिकरिया गांव के मनोरमा नदी में श्रवण का शव मिला।
पुलिस सूत्रों की मानें तो युवती ने पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताएं हैं। चर्चा यह भी की श्रवण को मारने के बाद वीडियो भी बनाया गया और उसे युवती को दिखाया गया। घटना में उभाई गांव के और लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही हैं। श्रवण कुमार के परिजनों के चाचा कमलेश का कहना हैं कि उसे बेरहमी से मारा गया यदि वह मनोरमा नदी में कूदा होता तो उसके पर्स में रखा फोटो और कागज सुरक्षित नहीं रहता।