Gorakhpur Nagar Nigam: 32 गांव की आबादी परिसीमन में अटका रही है रोड़े, वार्डों की संख्या में नहीं हो रही है बढ़ोतरी
नगर निगम सीमा विस्तार के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने अपर नगर आयुक्त आरबी सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है जो नए सिरे से परिसीमन कर रही है। परिसीमन प्रावधान के अनुसार किसी भी वार्ड में अधिकतम 15 प्रतिशत आबादी जोड़ी जा सकती है।
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गोरखपुर के 32 गांव की आबादी नगर निगम के परिसीमन में रोड़े अटका रही है। इन गांवों के जुड़ने से नगर निगम में करीब एक लाख की आबादी बढ़ रही है। परिसीमन के नियमानुसार वार्डों में शहर के 70 वार्डों की आबादी के आनुपातिक रूप से 15 प्रतिशत कम या ज्यादा जुड़ सकती है, लेकिन 25 गांवों की आबादी की वजह से किसी किसी वार्ड में 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में नगर निगम के सामने परिसीमन की चुनौती उठ खड़ी हुई है।
दरअसल वर्तमान निर्देशानुसार नगर निगम क्षेत्र में 32 गांवों के जुड़ने के बाद भी वार्डों की संख्या नहीं बढ़ेगी। पहले की तरह 70 वार्ड ही रहेंगे। इस सिलसिले में गठित कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है। अब शासन स्तर पर निर्णय होना है।
नगर निगम सीमा विस्तार के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने अपर नगर आयुक्त आरबी सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है जो नए सिरे से परिसीमन कर रही है। परिसीमन प्रावधान के अनुसार किसी भी वार्ड में अधिकतम 15 प्रतिशत आबादी जोड़ी जा सकती है। सुविधा के दृष्टिकोण से इन गांवों को सटे वार्डों से जोड़ दिया गया है। परिसीमन के बाद जो गजट जारी होगा, उसमें इन 32 गांवों को वैधानिक रूप से वार्डों में शामिल किया जाएगा।
नगर निगम में शामिल हुई करीब एक लाख की आबादी
32 गांवों के जुड़ने के बाद नगर निगम की आबादी में करीब एक लाख की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या 6.82 लाख थी। नई आबादी जुड़ने के बाद 7.82 लाख हो जाएगी। हालांकि, वर्तमान में शहर की जनसंख्या 14 लाख से ज्यादा है और शहर को महानगर का दर्जा हासिल हो चुका है, लेकिन परिसीमन 2011 की जनगणना के हिसाब से हो रहा है।
फिलहाल वार्डों में शामिल हुए ये गांव
- वार्ड संख्या 01 (महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-1): सिक्टौर तप्पा हवेली।
- वार्ड संख्या 02 (सेमरा): हरसेवकपुर नंबर दो।
- वार्ड संख्या 03 (इंजीनियरिंग कॉलेज): रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार।
- वार्ड संख्या 04 (मानबेला): करमहा उर्फ कम्हरिया, गुलरिहा, मुंडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, उमरपुर तप्पा खुटहन।
- वार्ड संख्या 08 (जंगल बेनी माधव): संझाई तप्पा कस्बा, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा दोयम।
- वार्ड संख्या 10 (राजेंद्र नगर पश्चिमी): लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा।
- वार्ड संख्या 13 (शिवपुर शहबाजगंज): जंगल हकीम नंबर-2, जंगल तिकोनिया नंबर-1
- वार्ड संख्या 15 (गोपलापुर): गायघाट खुर्द, मनहट, गाय घाट बुजुर्ग।
- वार्ड संख्या 30 (महेवा): पिपरा तप्पा हवेली, कठवतिया उर्फ कठउर।
- वार्ड संख्या 60 (रुस्तमपुर): भरवलिया बुजुर्ग, झरवा।
- वार्ड संख्या 65 (महुई सुघरपुर): कजाकपुर, बड़गो, पथरा, बाघरानी, सेमरा देवी प्रसाद, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली-बिंदुली।
अपर नगर आयुक्त आरबी सिंह ने कहा कि 32 गांवों के शामिल होने के बाद एक लाख से भी ज्यादा आबादी नगर निगम में शामिल हुई है। परिसीमन के नियमानुसार आनुपातिक रूप से शहर के 70 वार्डों की आबादी के 15 प्रतिशत ज्यादा या कम आबादी किसी वार्ड में जुड़ेगी, लेकिन यह अनुपात 50 से 100 प्रतिशत तक पहुंच जा रहा है। ऐसे में शहर के कई वार्ड प्रभावित हो सकते हैं। कोशिश की जा रही है परिसीमन का असर कुछ वार्डों तक ही सीमित रहे।