मछली पालन की आड़ में यहां छिपाई जाती थी चोरी की लकड़ियां, अब जब्त होगी वन तस्करों की संपत्ति
- मछली पालन का ठेका लेकर सरुआताल में छिपाई जाती थी चोरी की लकड़ी
- सरगना जैसराम निषाद और उसके भाई सपा नेता परशुराम समेत 37 लोगों पर दर्ज है केस
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मछली पालन की आड़ में लकड़ी चोरी करने वाले वन तस्करों की संपत्ति को पुलिस जब्त करेगी। आरोपी जैसराम निषाद और उसके भाई सपा नेता परशुराम समेत 37 लोगों की संपत्ति का पुलिस ब्योरा जुटा रही है। बताया जा रहा है कि गोरखपुर के अलावा सिद्धार्थनगर और महराजगंज में भी इनकी संपत्ति है, जिसके कागजात पुलिस के हाथ लग गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, ताल से चोरी की लकड़ी बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों भाइयों समेत 37 लोगों पर केस दर्ज किया था। तभी से इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम की अनुमति के बाद इनके संपत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इस गिरोह में कितने और सदस्य हैं, उसकी भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में पता चला है कि लंबे समय से इलाके में लकड़ी चोरी का यह खेल चल रहा है, लेकिन पकड़ में अब आया है।
तीन बार ताल से बरामद हो चुकी है चोरी की लकड़ियां
पुलिस और वन विभाग की टीम तीन बार सरुआताल से लकड़ियों को बरामद कर चुकी है। अब तक 70 बोटा लकड़ी की बरामदगी की गई है। इस मामले में कई मुकदमे अलग-अलग दर्ज किए गए हैं। बताया जा रहा है कि ताल का ठेका सिर्फ दिखावा है। यहां पर मत्स्य पालन की जगह लकड़ी छिपाने का ही काम लंबे समय से किया जा रहा है।
कैंपियरगंज एसओ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस दर्ज मुकदमे में धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करेगी। लकड़ी तस्करी से कमाई गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
सत्ता पक्ष के एक नेता करा रहे अवैध कटान: सत्यभामा
लकड़ी तस्करी में फंसे जैसराम की पत्नी व जिला पंचायत सदस्य सत्यभामा निषाद ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत की। उनका आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में पल रहे वन माफिया और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फरेंदा रेंज की कैंपियरगंज बीट से 500 पेड़ों की अवैध कटान की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लकड़ी के साथ सत्ता पक्ष के एक नेता के भाई की गाड़ी भी पकड़ी गई, लेकिन दबाव में उसे छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि कटान को रोकने में नाकाम वन विभाग के अधिकारियों ने अब उनके पति सहित अन्य कई मछुआरों पर मुकदमा दर्ज कराया है।