अंडरग्राउंड क्राइम: पुलिस मार रही छापे और माफिया राकेश ब्लॉक प्रमुख की शरण में, छापेमारी जारी
एक वक्त था कि माफिया राकेश यादव, अपराधी विपिन सिंह के घर पर ही दरबार जमाता था। जमीन के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि गुलरिहा थानाक्षेत्र में वह एक जगह जमीन का कारोबार करते थे। उनकी जमीन जहां से शुरू होती थी, वहीं 1500 स्क्वायर फिट जमीन गुलरिहा के एक युवक ने बैनामा करवा लिया।
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माफिया राकेश यादव इन दिनों गोरखपुर मंडल के एक ब्लॉक प्रमुख की पनाह में खुद की सुरक्षा की राह ढूंढ रहा है। चर्चा है कि ब्लॉक प्रमुख ने पहले भी कई बार उसकी मदद की है। सूत्रों के मुताबिक राकेश, देवरिया जिला बदर होने के बाद से ही ब्लॉक प्रमुख की शरण में है।
राकेश यादव की मदद की जानकारी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक पहले दो जनप्रतिनिधियों ने राकेश को हर संभव मदद पहुंचाई। साल 2011 में एक पूर्व सांसद के निधन होने के बाद वह पूरी तरह दूसरे जनप्रतिनिधि पर केंद्रित हो गया। बताया जाता है कि उस समय जिले में जमीन के धंधे में उस जनप्रतिनिधि की हर प्रकार की रजामंदी होती थी।
इधर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जमीन के खेल में वर्चस्व के चलते राकेश यादव से पुराने सहयोगी झुंगिया निवासी छोटू प्रजापति ने भी बगावत कर दी। बाद में छोटू प्रजापति को हमलावरों ने गोली मार दी। छोटू के भाई की तहरीर पर राकेश यादव व अन्य पर मुकदमा दर्ज हुआ। चर्चा है कि इस मामले में जनप्रतिनिधि ने जमकर पैरवी की थी।
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मंगलवार को राकेश यादव की धर पकड़ के लिए उसके घर दबिश देने गई पुलिस खाली हाथ लौट आई। जबकि, पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि राकेश अपने घर पर मौजूद है। वहीं, अंदरखाने यह भी चर्चा है कि एक पुलिस वाले के बेटे के जन्मदिन पार्टी में भी राकेश यादव मेहमान बनकर पहुंचा था। ये सारे हालात बयां करते हैं कि पुलिस में उसकी पैठ कितनी गहरी है।
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दरबार में हिस्से के बाद तय होता था कारोबार
एक वक्त था कि माफिया राकेश यादव, अपराधी विपिन सिंह के घर पर ही दरबार जमाता था। जमीन के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि गुलरिहा थानाक्षेत्र में वह एक जगह जमीन का कारोबार करते थे। उनकी जमीन जहां से शुरू होती थी, वहीं 1500 स्क्वायर फिट जमीन गुलरिहा के एक युवक ने बैनामा करवा लिया।
इसके बाद बुकिंग की रकम को लेकर कहासुनी हो गई। समझौते के लिए राकेश यादव के घर पर पंचायत बैठी। वहां पहले से ही एक जमीन के कारोबारी संग मारपीट हो रही थी। वहां का नजारा देखकर जमीन व्यवसायी ने बैनामे की रकम वापस करने के साथ ही राकेश को कारोबार करने का हिस्सा दिया और फिर अपना काम शुरू किया।