UP News: बिहार के पूर्व विधायक राजन तिवारी की तलाश में पुलिस, 17 साल पहले जारी हुआ था वारंट
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि राजन तिवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। इस प्रकरण में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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बिहार के पूर्व विधायक राजन तिवारी की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सीओ कैंट के नेतृत्व में तीन टीमें गठित कर दी हैं। इसकी निगरानी एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई करेंगे। वहीं, वारंट जारी होने के बाद भी 17 साल से कैंट पुलिस क्यों दबाए बैठी, इसकी भी जांच की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के हरेक जिले में टॉप माफिया की सूची तैयार की जा रही है। दोबारा सरकार बनने के बाद 100 दिन का लक्ष्य भी तय किया गया था। इसमें गोरखपुर निवासी पूर्व विधायक राजन तिवारी का नाम भी शामिल है।
एडीजी अखिल कुमार ने राजन तिवारी का नाम शासन को भेजा था। इसके साथ ही पूर्व विधायक राजन तिवारी के केस और संपत्ति की पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी थी। अभी तक की जांच में राजन के नाम की संपत्ति की जानकारी पुलिस नहीं जुटा पाई है। उधर, मुकदमों की जांच शुरू हुई तो पता चला कि वारंट जारी होने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई।
2005 में राजन के खिलाफ जारी हुआ था वारंट
कैंट थाने में दर्ज मुकदमों से जो रिपोर्ट आई उसमें बताया गया कि राजन को सभी मामले में बरी कर दिया गया है। हालांकि, जब कोर्ट में जांच शुरू हुई तो मामला कुछ और ही निकला और इसी दौरान गैंगस्टर के एक केस की जानकारी हुई, जिसमें श्रीप्रकाश को गैंग लीडर तो वहीं राजन तिवारी व अन्य को सक्रिय सदस्य बताया गया था।
गैंगस्टर फाइल की जांच में पता चला कि सन 2005 से राजन तिवारी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हो रहा है और पुलिस की इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं है। एडीजी अखिल कुमार ने एनबीडब्ल्यू का हवाला देते हुए एसएसपी को राजन को गिरफ्तारी कर कोर्ट में पेश कराने का निर्देश दिया।
गुरुवार को इस मामले में एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई की निगरानी और सीओ कैंट श्याम विंद के नेतृत्व में एसएसपी ने टीम गठित की और राजन की गिरफ्तारी के लिए कहा। टीम में एसएचओ कैंट, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि राजन तिवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। इस प्रकरण में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।