{"_id":"5e162b0e8ebc3e88062da618","slug":"police-custody-leave-to-eight-people-in-bhatahat-gorakhpur-city-news-gkp33646679","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेतावनी देकर सेना के जवान समेत आठ छोड़े गए, खुद को क्राइम ब्रांच में तैनात बताकर घर में घुसे थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेतावनी देकर सेना के जवान समेत आठ छोड़े गए, खुद को क्राइम ब्रांच में तैनात बताकर घर में घुसे थे
Thu, 09 Jan 2020 10:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 10:34 AM IST
विज्ञापन
भटहट ईलाके में इसी स्कार्पियो से आए थे आठ लोग।
- फोटो : अमर उजाला
भटहट में गुलरिहा इलाके के कर्महा खुर्द गांव में खुद को पुलिस विभाग की क्राइम ब्रांच में तैनात बताकर रमेश यादव के घर में घुसने की कोशिश करने के आरोप में पकड़े गए सीआरपीएफ जवान समेत आठ लोगों को पुलिस ने छोड़ दिया। आरोपित सभी बनारस के रहने वाले हैं। पूछताछ में समाने आया था कि रमेश यादव पर लखनऊ में सीआरपीएफ जवान के भाई के अपहरण का केस दर्ज है। उसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा। पुलिस ने कहा है कि बिना विवेचक के वे लोग रमेश के घर नहीं आ सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कर्महा खुर्द निवासी रमेश यादव की पत्नी की सूचना पर स्कार्पियों से आए आठ लोगों को हिरासत में लिया था। रमेश की पत्नी ने अभद्रता करने का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पता चला कि भटहट इलाके के रमेश यादव को 32 लाख रुपये नौकरी दिलाने के लिए दिए गए थे। नौकरी नहीं लगने पर वे लोग रमेश से रकम वापस मांगने लगे। इसी पर विवाद हो गया और फिर लखनऊ से 21 मई 2019 को शिव बचन लापता हो गए। उनके भाई ने अपहरण का केस दर्ज कराया। फिर तलाश शुरू की गई।
भाई के मुताबिक रमेश यादव के घर ही लापता भाई की लोकेशन मिली थी। उसी वजह से वे तलाश में आए थे। इस संबंध में गुलरिहा इंस्पेक्टर मनोज राय ने बताया कि सभी को चेतावनी देकर छोड़ा गया है। रमेश यादव आरोपित है, लेकिन वे लोग बिना स्थानीय पुलिस को बताए आए थे। इस वजह से चेतावनी दी गई है कि वे बिना पुलिस के वहां पर नहीं जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने कर्महा खुर्द निवासी रमेश यादव की पत्नी की सूचना पर स्कार्पियों से आए आठ लोगों को हिरासत में लिया था। रमेश की पत्नी ने अभद्रता करने का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पता चला कि भटहट इलाके के रमेश यादव को 32 लाख रुपये नौकरी दिलाने के लिए दिए गए थे। नौकरी नहीं लगने पर वे लोग रमेश से रकम वापस मांगने लगे। इसी पर विवाद हो गया और फिर लखनऊ से 21 मई 2019 को शिव बचन लापता हो गए। उनके भाई ने अपहरण का केस दर्ज कराया। फिर तलाश शुरू की गई।
विज्ञापन
भाई के मुताबिक रमेश यादव के घर ही लापता भाई की लोकेशन मिली थी। उसी वजह से वे तलाश में आए थे। इस संबंध में गुलरिहा इंस्पेक्टर मनोज राय ने बताया कि सभी को चेतावनी देकर छोड़ा गया है। रमेश यादव आरोपित है, लेकिन वे लोग बिना स्थानीय पुलिस को बताए आए थे। इस वजह से चेतावनी दी गई है कि वे बिना पुलिस के वहां पर नहीं जा सकते हैं।
विज्ञापन