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Gorakhpur: सब्जी विक्रेता की हत्या के पर्दाफाश के करीब पुलिस, आजमगढ़ के शूटरों की तलाश
Wed, 29 Jun 2022 01:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 29 Jun 2022 01:48 PM IST
सार
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें लगी हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में 24 जून को हुई सब्जी विक्रेता राजेंद्र दुबे की हत्या के पर्दाफाश के करीब पुलिस पहुंच गई है। जांच में सामने आया है कि गांव के ही एक साजिशकर्ता ने शूटरों के माध्यम से वारदात को अंजाम दिलाया है। इसके पीछे की मंशा थी कि हत्या होने के बाद पुलिस पुरानी रंजिश में जाएगी और उसे ही पकड़ेगी।
दरअसल, जिस परिवार से पुरानी रंजिश है, उसी परिवार के एक युवक से आरोपी ने 24 लाख रुपये उधार लिया है। खबर है कि साजिश यही थी कि पुलिस पुरानी रंजिश में उसे जेल भेज देगी तो उधारी के रुपये नहीं लौटाने होंगे। एक आरोपी को पुलिस ने उठाया है, लेकिन आजमगढ़ के शूटर अभी पकड़ में नहीं आए हैं। उनकी तलाश में टीम लगी है।
जानकारी के मुताबिक, मंडी से सब्जी लेकर गांव में बेचने वाले राजेंद्र दुबे की 24 जून की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाशों ने हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि 1986 में एक हत्या हुई थी। इसमें राजेंद्र दुबे भी आरोपी थे। लेकिन, 1990 में कोर्ट से बरी हो गए थे। शुरुआती जांच में पुलिस इस हत्या से तार जोड़ रही थी, लेकिन बाद में पुलिस ने गहराई से जांच की तो दूसरा ही सच सामने आ रहा है।
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पता चला है कि गांव के एक युवक ने साजिश रची है। उसने पुरानी रंजिश वाले परिवार से उधारी ले ली थी। रुपये न अदा करना पड़े इसी लिए पूरी साजिश रची गई। हालांकि, अभी पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें लगी हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
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दरअसल, जिस परिवार से पुरानी रंजिश है, उसी परिवार के एक युवक से आरोपी ने 24 लाख रुपये उधार लिया है। खबर है कि साजिश यही थी कि पुलिस पुरानी रंजिश में उसे जेल भेज देगी तो उधारी के रुपये नहीं लौटाने होंगे। एक आरोपी को पुलिस ने उठाया है, लेकिन आजमगढ़ के शूटर अभी पकड़ में नहीं आए हैं। उनकी तलाश में टीम लगी है।
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जानकारी के मुताबिक, मंडी से सब्जी लेकर गांव में बेचने वाले राजेंद्र दुबे की 24 जून की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाशों ने हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि 1986 में एक हत्या हुई थी। इसमें राजेंद्र दुबे भी आरोपी थे। लेकिन, 1990 में कोर्ट से बरी हो गए थे। शुरुआती जांच में पुलिस इस हत्या से तार जोड़ रही थी, लेकिन बाद में पुलिस ने गहराई से जांच की तो दूसरा ही सच सामने आ रहा है।
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पता चला है कि गांव के एक युवक ने साजिश रची है। उसने पुरानी रंजिश वाले परिवार से उधारी ले ली थी। रुपये न अदा करना पड़े इसी लिए पूरी साजिश रची गई। हालांकि, अभी पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें लगी हैं। आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।