खुशखबर: गीडा में स्थापित होगा प्लास्टिक पार्क, रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग ने दी स्वीकृति
अब तक मध्य प्रदेश के तामोंट गांव, मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बिलौआ गांव, ओडिशा में जगतसिंहपुर के पास प्रदीप गांव, असम के गेल्लापुखुरी, झारखंड के देवीपुर, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के वायल्लूर में प्लास्टिक पार्क बनाए गए हैं।
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गोरखपुर जिले के गीडा में गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे के पास भगवानपुर गांव में करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से 88 एकड़ में प्लास्टिक पार्क बनेगा। इसकी स्वीकृति भारत सरकार के रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग ने दे दी है। पार्क बनने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, गीडा प्रशासन ने जनवरी में प्लास्टिक पार्क बनाने की कार्ययोजना बनाई थी। प्रदेश सरकार ने इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा था। केंद्र सरकार के रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग के सचिव ने 12 अप्रैल को हुई बैठक में इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी।
प्लास्टिक पार्क के भूमि विकास व आधारभूत संरचना (भूमि मूल्य के अतिरिक्त) पर 69.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका 34.79 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 34.79 करोड़ रुपये प्लास्टिक पार्क के स्पेशल पर्पय व्हीकल (एसपीवी) को वहन करना है। प्लास्टिक पार्क के संचालन के लिए एसपीवी का गठन किया जा रहा है।
पार्क में लगेंगी 92 फैक्ट्रियां
प्लास्टिक पार्क में 92 औद्योगिक भूखंड होंगे यानी 92 फैक्ट्रियां लगेंगी। साथ ही प्रशासनिक भवन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, यूटिलिटी शॉप्स और भंडारण इकाइयां भी संचालित होंगी। इन 90 भूखंडों का साइज 600 वर्गमीटर से 17,000 वर्गमीटर तक होगा। प्रशासनिक भवन 900 वर्गमीटर का होगा। भूतल में बैंक, कैंटीन एवं प्राथमिक चिकित्सा केंद्र होगा। प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर श्रमिकों के लिए डारमेट्री एवं प्रबंधकीय आवास बनेगा।
खुलेंगे तकनीकी संस्थान, शोध होगा
प्लास्टिक पार्क में तकनीकी संस्थान खुलेंगे और शोध भी होंगे। पांच एकड़ में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान (सीआईपीईटी) की स्थापना होगी। सेंटर में प्लास्टिक से बनी वस्तुओं के निर्माण के लिए आधुनिक प्लांट एवं मशीनरी लगाई जाएंगी। टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन व रिसर्च की सुविधा भी दी जाएगी। प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क में लगभग चार एकड़ भूमि आरक्षित की गई है, जिस पर कच्चे माल की आपूर्ति व भंडारण किया जाएगा।
देश में कुल छह प्लास्टिक पार्क
अब तक मध्य प्रदेश के तामोंट गांव, मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बिलौआ गांव, ओडिशा में जगतसिंहपुर के पास प्रदीप गांव, असम के गेल्लापुखुरी, झारखंड के देवीपुर, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के वायल्लूर में प्लास्टिक पार्क बनाए गए हैं।