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मुस्लमानों के लिए बारिश बनी मुसीबत: लोगों ने कहा- या खुदा! किसी का इंतकाल न हो, वरना अपने कब्रिस्तान में मिट्टी भी नहीं मिलेगी

Sat, 18 Sep 2021 03:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 18 Sep 2021 03:59 PM IST
सार

शहर के नकहा इलाके में डेढ़ महीने से भरा है बारिश का पानी। जलनिकासी का रास्ता बंद होने से तालाब बन गया है मोहल्ला। सड़क के किनारे स्थित कब्रिस्तान भी तालाब जैसा ही दिखता है।

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People troubled by waterlogging said God No one should died otherwise will not even get soil in your graveyard
नकहा ओवरब्रिज के पास कब्रिस्तान में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर के नकहा इलाके में करीब डेढ़ महीने से बारिश का पानी भरा हुआ है। इसी पानी में घरों से निकला गंदा पानी भी मिल गया है। सड़कों पर दो से तीन फीट तक भरे पानी में से होकर लोग आने-जाने के लिए मजबूर हैं। रेलवे लाइन के किनारे बसे इस मोहल्ले का कब्रिस्तान भी तालाब जैसा दिख रहा है। इस समय यदि किसी का इंतकाल हो जाए तो उसे दूसरे मोहल्ले के कब्रिस्तान में ही मिट्टी देनी होगी।
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स्पोर्ट्स कॉलेज की तरफ जाने वाले रास्ते पर नकहा मोहल्ला बसा है। यह मोहल्ला तेजी से विकसित हो रहा है। ओवरब्रिज के एक तरफ चमनगंज और दूसरी तरफ रामजानकी नगर कॉलोनी है। दोनों कॉलोनियों में प्रत्येक में 500 से अधिक घर होंगे। पूरा क्षेत्र इस बार बारिश के चलते जलमग्न है। रामजानकी नगर मोहल्ले का दूसरा छोर बसारतपुर की तरफ है। इस इलाके की सड़क पर बारिश का पानी भरा हुआ है। पहले से भरे पानी में बुधवार से शनिवार तक हुई बारिश ने और इजाफा कर दिया है। इससे हालात और बिगड़ गए हैं।
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रेलवे लाइन के किनारे का गड्ढा भर जाने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय निवासी सिराजुद्दीन, शौकत, रमजान अली बताते हैं कि पहले रेलवे लाइन के दोनों तरफ गहरा गड्ढा था, जिसमें बारिश का पानी बहकर चला जाता था। बरसात खत्म होने पर धीरे-धीरे पानी सूख जाता था। पिछले साल रेलवे ने गड्ढे को भरवा दिया। अब उस पर दीवार भी बनाई जा रही है। इससे मोहल्ले का पानी उधर जा नहीं पा रहा है। मुख्य सड़क की तरफ से नाला बनाया नहीं गया है। इस कारण बारिश के अलावा घरों का गंदा पानी भी सड़क पर बह रहा है।
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मंदिर और कब्रिस्तान पानी से घिरे

मोहल्ले के रामजानकी नगर इलाके में मंदिर परिसर में पानी भरा होने से पूजा-पाठ बंद है। मेन गेट पर ताला लगा है। केवल पुजारी पानी से होकर भगवान को भोग लगाने व पूजा करने जाते हैं। नकहा ओवरब्रिज के बगल में कब्रिस्तान है, जिसमें दो से तीन फीट तक पानी भरा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कब्रिस्तान के पास पोखरा होने के चलते हर साल बरसात में आधा हिस्स डूब ही जाता है। लेकिन सड़क की तरफ से जमीन सूखी रहती थी, इस बार पानी सड़क के बराबर भर गया है।
 
नाले में बहाव ही नहीं तो पानी कहां जाय
नकहा ओवरब्रिज के आगे से एक नाला स्पोर्ट्स कॉलेज की तरफ गया है। गायत्रीपुरम चौराहे से रामजानकी नगर जाने वाली सड़क के किनारे भी एक नाला है। दोनों ही नालों का पानी बहता नहीं है। रामजानकी नगर निवासी मनीष मिश्र, विष्णुदयाल शुक्ल, विजेंद्र आदि बताते हैं कि मोहल्ले का पानी नालों के जरिए बहकर स्पोर्ट्स कॉलेज के पास बड़े नाले में मिलना है। वहां से पानी गोड़धोइया नाले तक पहुंचेगा, लेकिन नाले का पानी बह ही नहीं रहा है। हो यह रहा है कि बारिश का पानी नाले के पानी से मिलकर मोहल्ले की सड़कों पर फैल गया है।
 
बोले मोहल्ले के लोग-
चमनगंज कोदई अली ने बताया कि दस साल पहले इस मोहल्ले में घर बनवाया था। बरसात में कभी इतना पानी नहीं लगा। हम लोग हर साल टैक्स भी देते हैं, लेकिन अभी तक मोहल्ले में जलनिकासी के लिए नालियां भी नहीं बनी हैं।
 
चमनगंज रजत ने बताया कि ओवरब्रिज के अंतिम छोर से आगे की तरफ नाला बना है, लेकिन अंदर नाला नहीं है, जिससे कॉलोनी का पानी नहीं निकल पा रहा है। हम लोग चंदा जुटाकर तीन दिन तक मोटर चलाए, लेकिन बारिश होने के कारण पानी फिर पानी भर गया।
 
चमनगंज में किराएदार पूर्णमासी ने बताया कि पांच साल से इस मोहल्ले में किराए का मकान लेकर रह रहे हैं। डेढ़ महीने से घर जाने वाले रास्ते पर पानी बह रहा है। इस वक्त कहीं दूसरी जगह कमरा भी नहीं मिल रहा है। पहली बार इस मोहल्ले में इतना पानी देखा है।
 
चमनगंज जमालुद्दीन ने बताया कि हमारे मोहल्ले का पानी पहले रेलवे लाइन के किनारे के गड्ढे में चला जाता था। रेलवे ने वह गड्ढा भर दिया है। इधर सड़क के किनारे नाला बना नहीं है। इसके चलते बारिश का पानी नहीं निकल पा रहा है। अगर 100 मीटर नाला बनवा देते तो पानी की समस्या का कुछ समाधान हो जाता।
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