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चिंता बढ़ी: कोरोना से निजात के बाद शुगर, डिप्रेशन कर रहा बेहद परेशान, डॉक्टरों ने बताई ये खास वजह
Wed, 09 Jun 2021 01:04 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Jun 2021 01:04 PM IST
सार
अस्पताल आने वाले 40 फीसदी मरीजों में शुगर बढ़ने की शिकायत। 10 प्रतिशत मरीजों को थायराइड, 30 फीसदी को फेफड़ों की समस्या।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
कोरोना संक्रमण से निजात के बाद कई लोगों को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल से लौटने के कुछ दिनों के भीतर लोग सांस फूलना, घबराहट, मानसिक तनाव, कमजोरी, शुगर, थायराइड, बीपी जैसी समस्या लेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। करीब 40 फीसदी लोगों में शुगर बढ़ा मिल रहा है।
25-30 फीसदी लोगों में फेफड़ों की समस्या और करीब 10 प्रतिशत लोग थायराइड की दिक्कत का सामना कर रहे हैं। करीब 50 प्रतिशत लोगों में घबराहट और तनाव की शिकायत है। कई लोगों के गले में खराश की समस्या बनी हुई है।
केस-1
बेतियाहाता के रामकुमार एक माह पहले ही कोरोना संक्रमण से निजात पा चुके हैं। लेकिन, अमूमन शांत रहने वाले राजकुमार अब बहुत जल्द ही आपा खो देते हैं। चिड़चिड़ेपन की समस्या का भी सामना कर रहे हैं।
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केस-2
चिलमापुर के रहने वाले मो. शहजाद (32) को संक्रमण मुक्त हुए 20 दिन हो गए, लेकिन इस बीच एक दिन अचानक फिर तबीयत खराब हो गई। जांच में पता चला कि उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया है।
केस- 3
10 नंबर बोरिंग के राहुल तिवारी (37) कुछ समय पहले स्वस्थ होकर बीआरडी से घर लौटे तो बुखार के साथ पूरे शरीर में सूजन आ गया। जांच में पता चला कि थायरायड है और फेफड़ों में 20 प्रतिशत संक्रमण रह गया है।
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25-30 फीसदी लोगों में फेफड़ों की समस्या और करीब 10 प्रतिशत लोग थायराइड की दिक्कत का सामना कर रहे हैं। करीब 50 प्रतिशत लोगों में घबराहट और तनाव की शिकायत है। कई लोगों के गले में खराश की समस्या बनी हुई है।
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केस-1
बेतियाहाता के रामकुमार एक माह पहले ही कोरोना संक्रमण से निजात पा चुके हैं। लेकिन, अमूमन शांत रहने वाले राजकुमार अब बहुत जल्द ही आपा खो देते हैं। चिड़चिड़ेपन की समस्या का भी सामना कर रहे हैं।
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केस-2
चिलमापुर के रहने वाले मो. शहजाद (32) को संक्रमण मुक्त हुए 20 दिन हो गए, लेकिन इस बीच एक दिन अचानक फिर तबीयत खराब हो गई। जांच में पता चला कि उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया है।
केस- 3
10 नंबर बोरिंग के राहुल तिवारी (37) कुछ समय पहले स्वस्थ होकर बीआरडी से घर लौटे तो बुखार के साथ पूरे शरीर में सूजन आ गया। जांच में पता चला कि थायरायड है और फेफड़ों में 20 प्रतिशत संक्रमण रह गया है।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार बताया कि ओपीडी में कोविड से ठीक होने वाले मरीजों में शुगर की सबसे अधिक समस्या देखने को मिल रही है, जिन लोगों को पहले शुगर की शिकायत नहीं थी, ऐसे लोग भी इसके लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
डॉ. राजेश का कहना है कि संक्रमण के दौरान लोगों ने स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया। इसकी वजह से नई समस्याएं सामने आ रही हैं। बताया कि वायरस का असर फेफड़े पर अधिक रहा है। ऐसे में ठीक होने के बाद भी लोग सांस फूलने की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
उधर, मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही का कहना है कि कई लोगों के जेहन में कोरोना का खौफ बैठ गया है। इसका परिणाम चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव, गुस्से के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे लोगों की संख्या 50 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे लोगों को परिवार के सदस्यों से बात करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ज्यादा समय अकेले में न रहे। अगर मानसिक तनाव बढ़ेगा तो शरीर कई रोगों को जन्म देगा।
डॉ. राजेश का कहना है कि संक्रमण के दौरान लोगों ने स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया। इसकी वजह से नई समस्याएं सामने आ रही हैं। बताया कि वायरस का असर फेफड़े पर अधिक रहा है। ऐसे में ठीक होने के बाद भी लोग सांस फूलने की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
उधर, मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही का कहना है कि कई लोगों के जेहन में कोरोना का खौफ बैठ गया है। इसका परिणाम चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव, गुस्से के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे लोगों की संख्या 50 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे लोगों को परिवार के सदस्यों से बात करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ज्यादा समय अकेले में न रहे। अगर मानसिक तनाव बढ़ेगा तो शरीर कई रोगों को जन्म देगा।