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गोरखपुर: जवान को शहीद का दर्जा दिलाने को लेकर बवाल, नाराज ग्रामीणों ने तोड़फोड़ के बाद रेलवे ट्रक किया जाम
Sat, 26 Mar 2022 10:07 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Sat, 26 Mar 2022 10:07 AM IST
सार
शुक्रवार को आर्मी में शिक्षक पद पर तैनात धनंजय का शव घर पहुंचा। इस दौरान प्रशासनिक या पुलिस अफसर मौजूद न होने से लोग भड़क उठे। गुस्साई भीड़ ने पहले चौराहे पर प्रदर्शन किया फिर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इससे कई ट्रेनें प्रभावित हुई। मौके पर पहुंचे डीएम व पुलिस के अफसरों पर भी भीड़ ने पथराव कर दिया। जिसमें पुलिस के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। बाद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति पर काबू पाया।
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तोड़फोड़ में क्षतिग्रस्त पुलिस का वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिक्किम में तैनात रहे झंगहा के सैनिक धनंजय यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार को घर आने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिजनों को मुआवजा और शहीद का दर्जा देने समेत कई मांगों को लेकर कई गांवों के लोग सड़क पर आ गए। रेलवे ट्रैक को एक घंटे तक जाम रखा। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और ट्रेनों का संचालन शुरू कराया।
वहीं, आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया और वाहन तोड़ दिए। पुलिस की बाइक फूंक दी। पत्थर लगने से इंस्पेक्टर समेत सात पुलिस कर्मी घायल हो गए। डीएम पर भी पथराव किया गया। उन्हाेंने किसी तरह अपना बचाव किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा। बाद में डीएम के समझाने के बाद परिजन शव लेकर चले गए। सतर्कता बरतते हुए चौराहे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि जवान की मौत किस वजह से हुई है।
डीएम ने बताया कि देवरिया फोरलेन पर सैन्यकर्मी के पार्थिव शरीर को रखकर प्रदर्शन किया जा रहा था। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी परिजनों के निरंतर संपर्क में थे। बातचीत चल रही थी। मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था। मामले की सूचना सेना के अधिकारियों को दी जा चुकी है। अधिकारियों के आते ही सम्मान से अंत्येष्टि की जाएगी। सैन्य अफसरों की टीम गोरखपुर आ रही है। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। वे मान भी गए थे और अंत्येष्टि की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अराजकतत्वों ने माहौल खराब कर दिया।
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वहीं, आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया और वाहन तोड़ दिए। पुलिस की बाइक फूंक दी। पत्थर लगने से इंस्पेक्टर समेत सात पुलिस कर्मी घायल हो गए। डीएम पर भी पथराव किया गया। उन्हाेंने किसी तरह अपना बचाव किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा। बाद में डीएम के समझाने के बाद परिजन शव लेकर चले गए। सतर्कता बरतते हुए चौराहे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि जवान की मौत किस वजह से हुई है।
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डीएम ने बताया कि देवरिया फोरलेन पर सैन्यकर्मी के पार्थिव शरीर को रखकर प्रदर्शन किया जा रहा था। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी परिजनों के निरंतर संपर्क में थे। बातचीत चल रही थी। मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया था। मामले की सूचना सेना के अधिकारियों को दी जा चुकी है। अधिकारियों के आते ही सम्मान से अंत्येष्टि की जाएगी। सैन्य अफसरों की टीम गोरखपुर आ रही है। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। वे मान भी गए थे और अंत्येष्टि की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अराजकतत्वों ने माहौल खराब कर दिया।
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