Gorakhpur News: धर्मशाला-गोरखनाथ पुल मार्ग को लोगों ने किया जाम, इन समस्याओं से हैं परेशान
स्थानीय पार्षद पवन सिंह ने कहा कि रेल ट्रैक की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। पहले भी जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो रेलवे प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने नाला निर्माण करवाने के बाद ही रिटेनिंग वाल का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया था।
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गोरखपुर के वार्ड में जलभराव के विरोध में जटेपुर उत्तरी पार्षद पवन सिंह ने नेतृत्व में वार्ड की सैकड़ों महिलाओं और बच्चों ने धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामे वाली स्थिति रही। इसकी वजह से रोड पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। एसडीएम के आश्वासन के बाद जाम खत्म हुआ।
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों को कहना था कि जटेपुर वार्ड के मोहल्लों का पानी कच्चे नाले से होकर धर्मशाला से गोरखनाथ मंदिर जाने वाले मार्ग के दूसरी तरफ बनी रेल लाइन के नीचे से जाता है। रेल लाइन के नीचे बने पक्के पुलिया में ये पानी जाकर मिल जाता है। यहां से भगवती इंटर काॅलेज के सामने वाली नाली से होकर पास में नगर निगम के बड़े नाले में जाकर मिल जाता है।
जटेपुर के अलावा हनुमत नगर और दिग्विजय नगर वार्ड के मोहल्लों का पानी भी इसी नाले में जाता है। रेल प्रशासन ने नालियों के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई। रेल ट्रैक की सुरक्षा का दावा कर रेल प्रशासन ने रिटेनिंग निर्माण का काम शुरू करवा दिया। पानी नाले में न जाकर वापस कॉलोनी में लौट आ रहा है।
मांग की गई थी कि नगर निगम रिटेनिंग वाल के साथ वहीं बगल में एक पक्के नाले का निर्माण करवा दे तो ये पानी निकासी की व्यवस्था पहले की तरह हो जाएगी। लेकिन, बुधवार को पहुंचे रेलवे के अधिकारियों ने बिना नाला बनाए या उसके लिए जगह छोड़े रिटेनिंग वाल का निर्माण शुरू करा दिया।
मौके पर पहुंचे नगर निगम के इंजीनियरों से बातचीत के बावजूद काम नहीं रुका। इससे वार्ड के आक्रोशित हो गए और रास्ता जाम कर दिया। एसडीएम केसरी नंदन तिवारी ने जब आश्वस्त किया कि नाले का निर्माण भी कराया जाएगा तब जाकर लोगों ने रास्ता खाली किया।
स्थानीय निवासी अरुण पासवान ने कहा कि रेल प्रशासन अपने रेल ट्रैक की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है। लेकिन, नगर निगम को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। निगम के जिम्मेदार मौके पर आए और बिना हल निकाले ही चले गए। स्थानीय लोगों को इससे और अधिक नाराजगी बढ़ गई।