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Gorakhpur News: गोरखपुर एम्स में हवा, धूप, मिट्टी और पानी से होगा मरीजों का इलाज

Thu, 11 May 2023 03:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 11 May 2023 03:43 PM IST
सार

आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ. विमल मोदी ने बताया कि एम्स में भी आरोग्य मंदिर की तर्ज पर मिट्टी, हवा और पानी से मरीजों का इलाज किया जाएगा। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि गोररखपुर देश का पहला ऐसा एम्स होगा, जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा से मरीजों का इलाज होगा।

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Patients will be treated with air, sunlight, soil and water in Gorakhpur AIIMS
गोरखपुर एम्स। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अब आयुर्वेद के साथ प्राकृतिक चिकित्सा से भी मरीजों का इलाज शुरू होगा। प्राकृतिक चिकित्सा में हवा, धूप, मिट्टी, पानी से मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके लिए प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र आरोग्य मंदिर और एम्स के बीच सोमवार को करार होगा। दोनों संस्थानों के बीच इस पर सहमति बन गई है।
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आरोग्य मंदिर के निदेशक डॉ. विमल मोदी ने बताया कि एम्स में भी आरोग्य मंदिर की तर्ज पर मिट्टी, हवा और पानी से मरीजों का इलाज किया जाएगा। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि गोररखपुर देश का पहला ऐसा एम्स होगा, जिसमें प्राकृतिक चिकित्सा से मरीजों का इलाज होगा। बताया कि कोरोना महामारी के बाद लोगों का भरोसा आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर बढ़ा पर है। यही वजह है कि इस विधि को एम्स में अपनाया जा रहा है।
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एम्स में पंचकर्म से होगा इलाज, आयुष विवि करेगा मदद
एम्स इससे पहले आयुष विश्वविद्यालय से भी करार कर चुका है। इसके तहत एम्स में न्यूरो और गठिया के मरीजों पर शोध करने की तैयारी में जुट गया है। इसके अलावा आयुर्वेद के पंचकर्म भी मरीजों को बताए जाएंगे। इसके लिए दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों ने काम करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही पंचकर्म की शुरुआत भी एम्स में होगी। इसके तहत मरीजों को उल्टी, मल त्याग, रक्तमोक्षण और आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के जरिए ठीक किया जाएगा।

एम्स और आरोग्य मंदिर के बीच वार्ता हो चुकी है। दोनों संस्थानों के बीच सहमति भी बन गई है। 15 मई को दोनों संस्थानों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद एम्स में हवा, धूप, मिट्टी और पानी से मरीजों का इलाज किया जाएगा। : डॉ. सुरेखा किशोर, कार्यकारी निदेशक, एम्स


 
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