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मरीज-माफिया गिरोह : गोरखपुर पुलिस इन आरोपियों को भगोड़ा घोषित कराएगी, रखेगी इनाम -कुर्की भी कराएगी
Mon, 04 Mar 2024 06:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2024 06:16 PM IST
सार
गोरखपुर पुलिस मरीज माफियाओं को भगोड़ा घोषित कराएगी। इनपर इनाम भी रखेगी। जरूरत पड़ी तो आने वाले समय में इनकी संपत्ति भी कुर्क हो सकती है।
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Gorakhpur hospital
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पैडलेगंज के ईशु अस्पताल में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीज लाकर बिना डॉक्टर के इलाज करने के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस भगोड़ा घोषित कराएगी। अस्पताल की संचालिका रेनू और उसके साथी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। सोमवार को पुलिस एनबीडब्ल्यू कराने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी, इसके बाद भी नहीं पकड़े गए तो इनाम घोषित कर संपत्ति को कुर्क कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीजों को बरगला कर ईशु अस्पताल में लाने का खुलासा करने के साथ ही पुलिस ने सात लोगों को जेल भेजा था। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मेडिकल कॉलेज के सामने यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भी इसी तरह का मामला सामने आया और फिर आठ लोग जेल भेजे गए थे। लेकिन, आरोपी नितिन यादव की पत्नी रेनू यादव समेत तीन आरोपी अब भी फरार है।
पुलिस इनकी तलाश में कई बार दबिश भी दे चुकी है, लेकिन अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं। यही वजह है कि पुलिस अब इन्हें भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस अपनी ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को कोर्ट में देगी, ताकि सभी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू घोषित कराया जा सके। इसके बाद ही इनाम की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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10 संदिग्ध नर्सिंग होम की भूमिका की जांच भी तेज की गई
अब तक जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस के हाथ कई साक्ष्य लगे हैं। पुलिस एक-एक कड़ी जुटा रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। अब तक की जांच में पता चला है कि मेडिकल कॉलेज में सफाईकर्मी से लेकर कर्मचारी तक इनके नेटवर्क का हिस्सा हैं। सबको उनके काम के हिसाब से रुपये दिए जाते थे।
जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस 10 नर्सिंग होम की भूमिका की जांच तेज कर दी है। आशंका है कि यह सभी ईशु, वसुंधरा, यूनिवर्सल अस्पताल की तरह ही संचालित हो रहे हैं। पुलिस अब तक जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल सीडीआर की मदद से भी कड़ी जोड़ रही है।
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि गिरोह में शामिल सात लोगों को रामगढ़ताल थाने से जेल भेजा गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर सरगना मनोज भी कोर्ट में हाजिर हो गया। पुलिस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करेगी। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है, कोर्ट से इनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई कराई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीजों को बरगला कर ईशु अस्पताल में लाने का खुलासा करने के साथ ही पुलिस ने सात लोगों को जेल भेजा था। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मेडिकल कॉलेज के सामने यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भी इसी तरह का मामला सामने आया और फिर आठ लोग जेल भेजे गए थे। लेकिन, आरोपी नितिन यादव की पत्नी रेनू यादव समेत तीन आरोपी अब भी फरार है।
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पुलिस इनकी तलाश में कई बार दबिश भी दे चुकी है, लेकिन अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं। यही वजह है कि पुलिस अब इन्हें भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस अपनी ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को कोर्ट में देगी, ताकि सभी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू घोषित कराया जा सके। इसके बाद ही इनाम की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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10 संदिग्ध नर्सिंग होम की भूमिका की जांच भी तेज की गई
अब तक जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस के हाथ कई साक्ष्य लगे हैं। पुलिस एक-एक कड़ी जुटा रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। अब तक की जांच में पता चला है कि मेडिकल कॉलेज में सफाईकर्मी से लेकर कर्मचारी तक इनके नेटवर्क का हिस्सा हैं। सबको उनके काम के हिसाब से रुपये दिए जाते थे।
जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस 10 नर्सिंग होम की भूमिका की जांच तेज कर दी है। आशंका है कि यह सभी ईशु, वसुंधरा, यूनिवर्सल अस्पताल की तरह ही संचालित हो रहे हैं। पुलिस अब तक जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल सीडीआर की मदद से भी कड़ी जोड़ रही है।
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि गिरोह में शामिल सात लोगों को रामगढ़ताल थाने से जेल भेजा गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर सरगना मनोज भी कोर्ट में हाजिर हो गया। पुलिस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करेगी। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है, कोर्ट से इनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई कराई जाएगी।