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UP: गोरखपुर नगर निगम में बने थे सभासद, 1991 में पहली बार महराजगंज से सांसद...कुछ ऐसा रहा पंकज चौधरी का सफर
Sat, 13 Dec 2025 04:37 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sat, 13 Dec 2025 04:37 PM IST
सार
1991 में पंकज चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले महाराजगंज से लोकसभा चुनाव में ताल ठोक कर जीत दर्ज की। उसके बाद पंकज चौधरी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा । 1991, 1996, 1998 में पुनः लोकसभा सदस्य बनेl 1999 में लोकसभा सदस्य चुनाव हार गए।
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पीएम मोदी को पंकज चौधरी की मां ने भगवान की प्रतिमा भेंट की थी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी का अब बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है। उन्होंने अकेले ही नामांकन किया है। यह खबर आते भाजपा के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है और घर पर जश्न शुरू हो गया है। भाजपा ने पंकज को सूबे की कमान सौप कर पिछड़ी जाति को साधने के साथ ही सपा के पीडीए के समीकरण के खिलाफ बड़ा दांव खेला है।
पंकज चौधरी की भाजपा में निष्ठा और राजनीतिक पकड़ ही है कि जब प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2023 में गोरखपुर आए थे तो घंटाघर उनके आवास पर भी गए थे और परिवार के लोगों से मुलाकात की थी। गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज से 12 तक और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की।
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पंकज चौधरी की भाजपा में निष्ठा और राजनीतिक पकड़ ही है कि जब प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2023 में गोरखपुर आए थे तो घंटाघर उनके आवास पर भी गए थे और परिवार के लोगों से मुलाकात की थी। गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज से 12 तक और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की।
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औद्योगिक घराने में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और नगर निगम गोरखपुर में पार्षद बने और डिप्टी मेयर बने । 1991 में पंकज चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले महाराजगंज से लोकसभा चुनाव में ताल ठोक कर जीत दर्ज की। उसके बाद पंकज चौधरी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।
1991, 1996, 1998 में पुनः लोकसभा सदस्य बने। 1999 में लोकसभा सदस्य चुनाव हार गए। 2004 में पुनः जीत दर्ज की। लेकिन 2009 में पुनः हार हुई। 2014 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे है। 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में वित्त राज्य मंत्री बने 2024 में जीत दर्ज कर पुनः मोदी मंत्रिमंडल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री का पद संभाल रहे है।
1991, 1996, 1998 में पुनः लोकसभा सदस्य बने। 1999 में लोकसभा सदस्य चुनाव हार गए। 2004 में पुनः जीत दर्ज की। लेकिन 2009 में पुनः हार हुई। 2014 से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे है। 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में वित्त राज्य मंत्री बने 2024 में जीत दर्ज कर पुनः मोदी मंत्रिमंडल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री का पद संभाल रहे है।
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राजनीति के इस सफर में महाराजगंज के जिला पंचायत में वह अजेय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे है। महाराजगंज जिला पंचायत के अस्तित्व में आते ही पंकज चौधरी के बड़े भाई उद्योगपति स्वर्गीय प्रदीप चौधरी प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बने और उसके बाद दो बार लगातार पंकज चौधरी की माता उज्ज्वल चौधरी जिला पंचायत की अध्यक्ष बनी।
उसके बाद जिस व्यक्ति के सिर पर पंकज चौधरी ने हाथ रखा वह जिला पंचायत का अध्यक्ष बना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावो में पंकज चौधरी के समक्ष तमाम बाधाएं आयी विपक्ष में रहते हुए पंकज चौधरी ने जिला पंचायत पर अपना कब्जा बरकरार रखा।
उसके बाद जिस व्यक्ति के सिर पर पंकज चौधरी ने हाथ रखा वह जिला पंचायत का अध्यक्ष बना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावो में पंकज चौधरी के समक्ष तमाम बाधाएं आयी विपक्ष में रहते हुए पंकज चौधरी ने जिला पंचायत पर अपना कब्जा बरकरार रखा।