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Exclusive: गोरखपुर में 17 विधानसभा क्षेत्रों में नहीं खुला भाजपा का खाता, हार की असली वजह तलाशने में जुटी है पार्टी
Sat, 22 May 2021 02:23 PM IST
vivek shukla
संतोष सिंह, गोरखपुर।
संतोष सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 22 May 2021 02:23 PM IST
सार
गोरखपुर क्षेत्र के 526 वार्ड से प्रत्याशी घोषित किए गए थे। नतीजा आया तो निराशा हाथ लगी। भाजपा के 114 प्रत्याशियों को ही जीत मिल सकी है। गोरखपुर के 68 में से 19 वार्डों का चुनाव ही भाजपा जीत पाई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
भाजपा, जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में अपेक्षानुरूप सफलता न मिल पाने का कारण तलाशने में जुट गई है। गोरखपुर क्षेत्र के एक-एक जिला पंचायत वार्ड में हार की समीक्षा की जा रही है। अब तक की समीक्षा में जो तथ्य निकलकर सामने आए हैं, उसके मुताबिक 17 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े जिला पंचायत वार्डों में भाजपा का खाता तक नहीं खुला है। तमाम क्षेत्र ऐसे हैं, जहां भाजपा के वर्तमान विधायक हैं। इससे पार्टी नेता चिंतित हैं। अब हार की असली वजह तलाशी जा रही है।
मिशन 2022 से पहले भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव दमदारी से लड़ा था। गोरखपुर क्षेत्र के 526 वार्ड से प्रत्याशी घोषित किए गए थे। नतीजा आया तो निराशा हाथ लगी। भाजपा के 114 प्रत्याशियों को ही जीत मिल सकी है। गोरखपुर के 68 में से 19 वार्डों का चुनाव ही भाजपा जीत पाई है। जहां पार्टी प्रत्याशियों की हार हुई है, वहां से ज्यादातर निर्दलियों ने बाजी मारी है। इससे चिंता और बढ़ गई है। पंचायत चुनाव में खराब प्रदर्शन से नाराज प्रदेश नेतृत्व ने विधानसभावार समीक्षा करने का फैैसला किया है। इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को मिली है। गोरखपुर क्षेत्र के पदाधिकारी भी आजमगढ़, बस्ती और गोरखपुर मंडल से जुड़े जिलों के चुनाव परिणामों की समीक्षा में लगे हैं।
विधायकों की सिफारिश पर दिए टिकट फिर भी मिली मात
जिन विधानसभा क्षेत्रों में जिला पंचायत के पार्टी प्रत्याशियों को करारी शिकस्त मिली है, वहां के वर्तमान विधायक की सिफारिश पर भी टिकट दिया गया था। अब किस विधायक ने किस प्रत्याशी का नाम आगे किया था, यह आंकड़ा निकाला जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की मंशा है कि हार की असली वजह तलाशी जाए। साथ ही जिम्मेदारी तय करके आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रह सके।
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मिशन 2022 से पहले भाजपा ने जिला पंचायत चुनाव दमदारी से लड़ा था। गोरखपुर क्षेत्र के 526 वार्ड से प्रत्याशी घोषित किए गए थे। नतीजा आया तो निराशा हाथ लगी। भाजपा के 114 प्रत्याशियों को ही जीत मिल सकी है। गोरखपुर के 68 में से 19 वार्डों का चुनाव ही भाजपा जीत पाई है। जहां पार्टी प्रत्याशियों की हार हुई है, वहां से ज्यादातर निर्दलियों ने बाजी मारी है। इससे चिंता और बढ़ गई है। पंचायत चुनाव में खराब प्रदर्शन से नाराज प्रदेश नेतृत्व ने विधानसभावार समीक्षा करने का फैैसला किया है। इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को मिली है। गोरखपुर क्षेत्र के पदाधिकारी भी आजमगढ़, बस्ती और गोरखपुर मंडल से जुड़े जिलों के चुनाव परिणामों की समीक्षा में लगे हैं।
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विधायकों की सिफारिश पर दिए टिकट फिर भी मिली मात
जिन विधानसभा क्षेत्रों में जिला पंचायत के पार्टी प्रत्याशियों को करारी शिकस्त मिली है, वहां के वर्तमान विधायक की सिफारिश पर भी टिकट दिया गया था। अब किस विधायक ने किस प्रत्याशी का नाम आगे किया था, यह आंकड़ा निकाला जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की मंशा है कि हार की असली वजह तलाशी जाए। साथ ही जिम्मेदारी तय करके आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रह सके।
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विधायकों को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा
पंचायत चुनाव में हार का खामियाजा कुछ विधायाकों को भी भुगतना पड़ सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक है। टिकट वितरण में पंचायत चुनाव का प्रदर्शन देखा जाएगा। विधायकों को अपने क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशियों की हार का कारण स्पष्ट करना होगा। अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहा, तो टिकट भी काटा जा सकता है।
चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से सबसे अच्छा नतीजा
गोरखपुर में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। सबसे अच्छा नतीजा चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से आया है। इस क्षेत्र से भाजपा की विधायक संगीता यादव हैं। यह विधानसभा बांसगांव लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
61 विधानसभा क्षेत्रों के जिला पंचायत वार्डों की समीक्षा
क्षेत्र में विधानसभा की 62 सीटें हैं। गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत वार्ड नहीं हैं। लिहाजा, पार्टी 61 विधानसभा क्षेत्रों के जिला पंचायत वार्डों के चुनाव परिणाम की समीक्षा कर रही है।
चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से सबसे अच्छा नतीजा
गोरखपुर में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। सबसे अच्छा नतीजा चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से आया है। इस क्षेत्र से भाजपा की विधायक संगीता यादव हैं। यह विधानसभा बांसगांव लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
61 विधानसभा क्षेत्रों के जिला पंचायत वार्डों की समीक्षा
क्षेत्र में विधानसभा की 62 सीटें हैं। गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत वार्ड नहीं हैं। लिहाजा, पार्टी 61 विधानसभा क्षेत्रों के जिला पंचायत वार्डों के चुनाव परिणाम की समीक्षा कर रही है।
क्षेत्र से जुड़े जिले
गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, सिऌार्थनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ।
विधानसभा व लोकसभा चुनाव में था शानदार प्रदर्शन
गोरखपुर क्षेत्र से जुड़े जिलों में 2017 के विधानसभा व 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को शानदार सफलता मिली थी। पार्टी ने 62 में से अकेले 44 सीटें जीती थीं। दो सीटें सहयोगी दलों को मिली थीं। इसी तरह लोकसभा की 13 में से 10 सीटें जीतने में कामयाबी मिली थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी लोकसभा सीटें भाजपा जीती थी। आजमगढ़, लालगंज (सुरक्षित) व घोसी (सुरक्षित) लोकसभा सीटें सपा, बसपा के खाते में गई थीं।
विधानसभा व लोकसभा चुनाव में था शानदार प्रदर्शन
गोरखपुर क्षेत्र से जुड़े जिलों में 2017 के विधानसभा व 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को शानदार सफलता मिली थी। पार्टी ने 62 में से अकेले 44 सीटें जीती थीं। दो सीटें सहयोगी दलों को मिली थीं। इसी तरह लोकसभा की 13 में से 10 सीटें जीतने में कामयाबी मिली थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल की सभी लोकसभा सीटें भाजपा जीती थी। आजमगढ़, लालगंज (सुरक्षित) व घोसी (सुरक्षित) लोकसभा सीटें सपा, बसपा के खाते में गई थीं।