यूपी डायबिटीज एसोसिएशन: पैर के पंजे में आए सूजन तो समझ लें गुर्दा खतरे में,सेमिनार में बोले पद्मश्री डॉ कमलाकर
फैजाबाद के डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मधुमेह के मरीजों को लिवर, स्तन, गर्भाशय और पैंक्रियाज का कैंसर होता है, लेकिन पुरुषों में प्रोस्टेट का कैंसर नहीं होता। वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रोस्टेट और डायबिटीज के बीच में क्या संबंध है।
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व्यक्ति की मौत मधुमेह से नहीं, बल्कि इसकी वजह से हुई बीमारियों से होती है। मधुमेह का सबसे अधिक प्रभाव गुर्दे और हृदय पर पड़ता है। अगर किसी व्यक्ति के गुर्दे में खराबी आ रही है तो सबसे पहला संकेत उसके पैर के पंजे में सूजन के रूप में आता है। इसी के साथ मरीज के यूरिन में प्रोटीन आने लगता है। ऐसे में अगर पंजे में सूजन दिखे तो तत्काल यूरिन की जांच कराएं। इससे गुर्दे की बीमारी का पता लग जाएगा और शुरुआती इलाज व सावधानी से इसे लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
ये बातें यूपी डायबिटीज एसोसिएशन के प्रांतीय अधिवेशन में आए चिकित्सा क्षेत्र में पद्म पुरस्कार विजेता डाॅ. कमलाकर त्रिपाठी ने कहीं। उन्होंने क्रॉनिक किडनी डिजिज पर अपने संबोधन में कहा कि मधुमेह अनियंत्रित हो जाए तो गुर्दा और हृदय पर प्रभाव डालता है। कोई भी व्यक्ति मधुमेह के चलते नहीं मरता। इसलिए अगर आपको मधुमेह है तो इसके इलाज को लेकर लापरवाही बिल्कुल न बरतें। इस रोग को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं और खाने पर नियंत्रण रखें।
डॉ. आलोक गुप्ता ने मधुमेह के रोग के शुरुआती कारणों की चर्चा करते हुए कहा कि अनियमित जीवन शैली से लोग बीमार बन रहे हैं। इससे बचने के लिए स्वस्थ दिनचर्या अपनानी होगी। इसके अलावा किसी भी बीमारी से डरने या छिपाने के बजाय उसकी आरंभिक जांच कराएं और नियमित रूप से इलाज कराएं तो लंबे समय तक व्यक्ति स्वस्थ बना रह सकता है।
मधुमेह पर नियंत्रण के लिए जागरूकता सबसे जरूरी : एसएसपी
तीन दिवसीय इस सेमिनार का समापन रविवार की शाम को हुआ। अंतिम दिन अलग-अलग 14 सत्र आयोजित किए गए। हर सत्र में बीमारी के लक्षण और उपचार को लेकर हुए नए शोध व सर्वे पर चर्चा की गई। इसके अलावा विभिन्न अस्पतालों से आए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया। अंतिम सत्र में लोगों ने सवाल-जवाब के जरिए अपने मन की शंकाओं को दूर किया।
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि मधुमेह ऐसी बीमारी है, जिसके पीड़ितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। युवा से लेकर बुजुर्ग तक इस रोग की चपेट में हैं। उपचार से बचाव अच्छा होता है। लोग बीमारियों के कारण को समझें तो उससे बचने के लिए खुद ही बेहतर प्रयास कर सकेंगे। एसोसिएशन की तरफ से इस तरह का जागरूकता कार्यक्रम सार्थक है।
दिल्ली के डॉ. जेके शर्मा ने बताया कि मधुमेह के कारण डायस्टोलिक डिसफंक्शन हो जाता है। इसमें हृदय की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और ठीक से आराम नहीं कर पातीं। इससे दिल का गंदा खून फेफड़ों में पूरी तरह पंप नहीं होता।
फैजाबाद के डॉ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मधुमेह के मरीजों को लिवर, स्तन, गर्भाशय और पैंक्रियाज का कैंसर होता है, लेकिन पुरुषों में प्रोस्टेट का कैंसर नहीं होता। वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रोस्टेट और डायबिटीज के बीच में क्या संबंध है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि मधुमेह के कारण दिल की धमनियों में वसा जम जाती है। यह उन मरीजों में भी होता है जो घी-तेल से परहेज करते हैं। इसकी वजह यह है कि खाद्य पदार्थों में मिलने वाली वसा का शरीर में मधुमेह की वजह से संश्लेषण नहीं हो पाता है। इसके अलावा प्रीमेच्योर डिलीवरी वाले बच्चों में भी मधुमेह का खतरा सर्वाधिक होता है।