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Gorakhpur News: ऑक्सीजन कांड: डॉ. सतीश ने खुद को निर्दोष बताया, पुलिस ने हाईकोर्ट को भेजी केस डायरी
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एनेस्थीसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिया है प्रार्थना पत्र, आज होगी सुनवाई
ऑक्सीजन कांड में बनाए गए हैं आरोपी, कोर्ट ने गुलरिहा पुलिस से मांगी थी केस डायरी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड में आरोपी बनाए गए एनेस्थीसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले से बरी करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। उनके प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने डॉ. सतीश की भूमिका का पता लगाने के लिए गोरखपुर के गुलरिहा थाने से आठ अगस्त को घटना से जुड़ी केस डायरी मांगी थी। इसे अब पुलिस ने भेज दिया है। शुक्रवार को इस केस में सुनवाई होनी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य बनाम मनीष भंडारी एवं अन्य का केस गोरखपुर सिविल कोर्ट में चल रहा है। इस केस से खुद को बरी करने के लिए डॉ. सतीश ने सिविल कोर्ट में डिस्चार्ज आवेदन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने यह आवेदन छह जुलाई को खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। वर्तमान में डॉ. सतीश बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवा दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017 के अगस्त माह में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने का मामला सामने आया था। हालांकि प्रशासनिक जांच में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद या खत्म होना नहीं पाया गया था। इस दौरान अलग-अलग तिथियों में कई बच्चों की मौत हो गई थी। मामले में काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा, डॉ. कफील खान, एनेस्थीसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार, लेखा विभाग के सुधीर पांडेय और संजय त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया था। मामले में सभी की गिरफ्तारी भी हुई थी। ये सभी आरोपी लंबे समय तक जेल में भी रहे।
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इस मामले में हाईकोर्ट ने डॉ. सतीश कुमार की भूमिका की जानकारी मांगी थी। उनके आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट भेज दी गई है।
-योगेंद्र कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ
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ऑक्सीजन कांड में बनाए गए हैं आरोपी, कोर्ट ने गुलरिहा पुलिस से मांगी थी केस डायरी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड में आरोपी बनाए गए एनेस्थीसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले से बरी करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। उनके प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने डॉ. सतीश की भूमिका का पता लगाने के लिए गोरखपुर के गुलरिहा थाने से आठ अगस्त को घटना से जुड़ी केस डायरी मांगी थी। इसे अब पुलिस ने भेज दिया है। शुक्रवार को इस केस में सुनवाई होनी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य बनाम मनीष भंडारी एवं अन्य का केस गोरखपुर सिविल कोर्ट में चल रहा है। इस केस से खुद को बरी करने के लिए डॉ. सतीश ने सिविल कोर्ट में डिस्चार्ज आवेदन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने यह आवेदन छह जुलाई को खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। वर्तमान में डॉ. सतीश बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवा दे रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017 के अगस्त माह में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने का मामला सामने आया था। हालांकि प्रशासनिक जांच में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद या खत्म होना नहीं पाया गया था। इस दौरान अलग-अलग तिथियों में कई बच्चों की मौत हो गई थी। मामले में काॅलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा, डॉ. कफील खान, एनेस्थीसिया के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार, लेखा विभाग के सुधीर पांडेय और संजय त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया था। मामले में सभी की गिरफ्तारी भी हुई थी। ये सभी आरोपी लंबे समय तक जेल में भी रहे।
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इस मामले में हाईकोर्ट ने डॉ. सतीश कुमार की भूमिका की जानकारी मांगी थी। उनके आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट भेज दी गई है।
-योगेंद्र कुमार सिंह, सीओ गोरखनाथ