{"_id":"664691931526b6fab10add34","slug":"order-to-pay-insurance-amount-of-rs-5-lakh-along-with-interest-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-560276-2024-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बीमा की धनराशि पांच लाख रुपये ब्याज सहित देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बीमा की धनराशि पांच लाख रुपये ब्याज सहित देने का आदेश
Fri, 17 May 2024 04:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 17 May 2024 04:36 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन गिरजेश कुमार पांडेय एवं सदस्य वेद प्रकाश त्रिपाठी व संगीता प्रकाश त्रिपाठी ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध निर्णय सुनाया है। उन्होंने याचीगण धरमा देवी, खुशबू, जीउत, अंशिका व विपिन को बीमा की धनराशि पांच लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिन के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया। आदेश का अनुपालन नहीं करने पर ब्याज 9 प्रतिशत देय होगा।
अदालत के समक्ष तहसील बांसगांव के ग्राम गजपुर निवासिनी याचिनी धरमा देवी का कहना था कि 11 दिसम्बर 2016 को उसके पति जयराम साहनी की दुर्घटनावश नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। जयराम परिवार के मुखिया थे एवं कृषि कार्य करके परिवार का भरण पोषण करते थे। याचिनी द्वारा समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटनावश नदी में डूबने से मृत्यु होने के आधार पर क्षतिपूर्ति की मांग बीमा कंपनी से की गई। बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया परिणाम स्वरूप अदालत के समक्ष परिवाद दाखिल करना पड़ा।
विज्ञापन
गोरखपुर। स्थाई लोक अदालत के चेयरमैन गिरजेश कुमार पांडेय एवं सदस्य वेद प्रकाश त्रिपाठी व संगीता प्रकाश त्रिपाठी ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध निर्णय सुनाया है। उन्होंने याचीगण धरमा देवी, खुशबू, जीउत, अंशिका व विपिन को बीमा की धनराशि पांच लाख रुपये सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिन के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया। आदेश का अनुपालन नहीं करने पर ब्याज 9 प्रतिशत देय होगा।
अदालत के समक्ष तहसील बांसगांव के ग्राम गजपुर निवासिनी याचिनी धरमा देवी का कहना था कि 11 दिसम्बर 2016 को उसके पति जयराम साहनी की दुर्घटनावश नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। जयराम परिवार के मुखिया थे एवं कृषि कार्य करके परिवार का भरण पोषण करते थे। याचिनी द्वारा समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटनावश नदी में डूबने से मृत्यु होने के आधार पर क्षतिपूर्ति की मांग बीमा कंपनी से की गई। बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया परिणाम स्वरूप अदालत के समक्ष परिवाद दाखिल करना पड़ा।
विज्ञापन