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गोरखपुर दूरदर्शन: आरंभ हो गया एक घंटे का भोजपुरी कार्यक्रम, पहले दिन गाने में महंगाई से परेशानी का चित्रण
Sun, 12 Dec 2021 01:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:16 PM IST
सार
गोरखपुर अर्थ स्टेशन से शनिवार से एक घंटे के भोजपुरी कार्यक्रम का प्रसारण प्रारंभ किया गया है। पहले दिन सुबह 11 बजे शुरू हुए प्रसारण का आरंभ तीन दिसंबर को दूरदर्शन गोरखपुर के लोकार्पण की झलकियों के साथ हुआ।
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दूरदर्शन पर शुरू हुए प्रसारण में बांध तोड़ले बाटे महंगाई गाना प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बांध तोड़ले बाटे महंगाई ए रजमतिया के माई... आटा-दाल नइखे, बाटे न कमाई ए रे रजमतिया के माई... यह गाना किसी विपक्षी सियासी दल के चुनावी रथ पर नहीं, बल्कि दूरदर्शन पर शुरू हुए भोजपुरी कार्यक्रम में शनिवार को प्रसारित किया गया। पहले दिन ही दूरदर्शन पर इस गाने का प्रसारण लोगों में ठिठोली और चर्चा का विषय बना रहा।
गोरखपुर अर्थ स्टेशन से शनिवार से एक घंटे के भोजपुरी कार्यक्रम का प्रसारण प्रारंभ किया गया है। पहले दिन सुबह 11 बजे शुरू हुए प्रसारण का आरंभ तीन दिसंबर को दूरदर्शन गोरखपुर के लोकार्पण की झलकियों के साथ हुआ। इसके बाद भोजपुरी गीतों का कार्यक्रम शुरू हुआ। देवी गीत और कठघोड़वा नृत्य के बाद कजरी गीत बांध तोड़ले बाटे महंगाई ए रजमतिया के माई... का प्रसारण हुआ। गाने में साल बीतल दाल खइले चीनिया न भेटात, आटा दाल नइखे बाटे न कमाई ए रजमतिया के माई.. के जरिए महंगाई से होने वाली परेशानी को चित्रित किया गया है।
अभिनेत्री कहती है कि दाल भात खिलाने को तो छोड़े बबुनी बीमार हुई तो अस्पताल तक नहीं ले गए। इस पर अभिनेता कहता है कि उहवां बीमारी कबो ठीक नहीं होला, ठीक ठाक लोग भी बीमार उहां होला, लूट जाई सगरी कमाई ए रजमतिया के माई...। प्रसारण के बाद गाना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। गाने की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा।
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दूरदर्शन गोरखपुर के केंद्र प्रभारी डॉ. ब्रजेंद्र नारायण ने बताया कि प्रसारित किया गया गाना लोकगीत है, जिसमें पत्नी की रोज-रोज की मांग से तंग पति, अपनी परेशानियां गिना रहा है। लोकगीत को किसी दूसरे संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए।
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गोरखपुर अर्थ स्टेशन से शनिवार से एक घंटे के भोजपुरी कार्यक्रम का प्रसारण प्रारंभ किया गया है। पहले दिन सुबह 11 बजे शुरू हुए प्रसारण का आरंभ तीन दिसंबर को दूरदर्शन गोरखपुर के लोकार्पण की झलकियों के साथ हुआ। इसके बाद भोजपुरी गीतों का कार्यक्रम शुरू हुआ। देवी गीत और कठघोड़वा नृत्य के बाद कजरी गीत बांध तोड़ले बाटे महंगाई ए रजमतिया के माई... का प्रसारण हुआ। गाने में साल बीतल दाल खइले चीनिया न भेटात, आटा दाल नइखे बाटे न कमाई ए रजमतिया के माई.. के जरिए महंगाई से होने वाली परेशानी को चित्रित किया गया है।
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अभिनेत्री कहती है कि दाल भात खिलाने को तो छोड़े बबुनी बीमार हुई तो अस्पताल तक नहीं ले गए। इस पर अभिनेता कहता है कि उहवां बीमारी कबो ठीक नहीं होला, ठीक ठाक लोग भी बीमार उहां होला, लूट जाई सगरी कमाई ए रजमतिया के माई...। प्रसारण के बाद गाना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। गाने की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा।
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दूरदर्शन महानिदेशक के भाषण पर भी चर्चा
कार्यक्रम के अंत में दूरदर्शन महानिदेशक मयंक अग्रवाल का पूर्वांचल की जनता को संदेश प्रसारित किया गया। हम हईं मयंक अग्रवाल महानिदेशक दूरदर्शन... अपन माटी की बोली, आपन उत्तर प्रदेश। आज से भोजपुरी भाषा में रोज एक घंटे का प्रसारण शुरू होखे जात बा। लोगों का कहना था कि यह संदेश प्रसारण आरंभ होने से पहले लगाया जाना चाहिए था। प्रसारण शुरू होने के बाद उनका शुरू होखे जात बा कहना गलत है।दूरदर्शन गोरखपुर के केंद्र प्रभारी डॉ. ब्रजेंद्र नारायण ने बताया कि प्रसारित किया गया गाना लोकगीत है, जिसमें पत्नी की रोज-रोज की मांग से तंग पति, अपनी परेशानियां गिना रहा है। लोकगीत को किसी दूसरे संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए।