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गोरखपुर: शिक्षकों समेत 32 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा- पुरानी पेंशन की जाए बहाल

Fri, 29 Oct 2021 12:33 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Oct 2021 12:33 PM IST
सार

 पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले शिक्षकों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार पुरानी पेंशन सहित सभी विभागों की मांगों को पूरा तत्काल पूरा किया।

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officers and employees of 32 departments including teachers demonstrated for restoration of old pension in Gorakhpur
प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में करीब 32 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुरुवार को डीएम कार्यालय पर हुंकार भरी। सभी ने एक सुर में कहा कि सरकार पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करे। इसके अलावा कैशलेस इलाज, वेतन एवं पदोन्नति की विसंगतियां दूर करे, भत्तों की बहाली और बकाया भुगतान आदि की मांग भी की गई। चेताया गया कि मांगों को नहीं माना गया तो 30 नवंबर को लखनऊ में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
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पेंशनर्स अधिकार मंच के बैनर तले शिक्षकों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि सरकार पुरानी पेंशन सहित सभी विभागों की मांगों को पूरा तत्काल पूरा किया। अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर्स आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।
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जिलाध्यक्ष राजेशधर दूबे ने आरोप लगाया कि सरकार विगत चार वर्षों से हमारी एक भी मांग नहीं मानी। केवल आश्वासन देकर काम चलाया जा रहा है। अब इससे काम नहीं चलने वाला है। प्रधान महासचिव राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने संगठन के नेतृत्व से वार्ता कर हमारी मांगों को नहीं माना तो 30 नवंबर को लखनऊ में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्विनी श्रीवास्तव और दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि जब-जब सरकार को आवश्यकता पड़ी है तब-तब शिक्षक और कर्मचारियों ने आगे बढ़कर सहयोग किया है, लेकिन सरकार सदैव शिक्षक-कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन बनी हुई है। महासचिव श्रीधर मिश्रा एवं श्याम नारायण सिंह ने कहा कि हमारी पदोन्नति बाधित है और मनमाने ढंग से विद्यालयों का संविलियन किया गया है और शिक्षा अधिकरण अधिनियम लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। मंच के कोषाध्यक्ष सुधांशु मोहन सिंह ने कहा कि हमारे विद्यालयों में शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइयां आदि मानदेय वाले कर्मचारियों को स्थायी कर इनको वेतनमान की परिधि में लाया जाए। प्रदर्शन में मंच के संरक्षक रूपेश कुमार श्रीवास्तव, अमरनाथ यादव, तारकेश्वर शाही, ज्ञानेश राय, हरेंद्र राय, बृजेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र दुबे, समीर पांडेय, हरिहर पांडे, अनिल चंद, युगेश शुक्ला, जन्मेजय पांडे, राकेश दुबे, राकेश राय, डॉक्टर सीवी तिवारी, डॉ अरविंद चौरसिया, बिपिन बिहारी दुबे, महेश शुक्ला, अच्युतानंद तिवारी, अजय सिंह, डॉक्टर गोविंद राय, राजेश सिंह, नीलकंठ धर दूबे आदि लोग मौजूद रहे।
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