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Gorakhpur News: सर्दियों में बढ़ेगी सोरायसिस मरीजों की संख्या
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सोरायसिस के हर महीने करीब 200 मरीज आते हैं एम्स
आईआईएमएस गोरखपुर में विश्व सोरायसिस दिवस का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। विश्व सोरायसिस दिवस के अवसर पर एम्स गोरखपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सोरायसिस रोग और इसके प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि एम्स में औसतन हर महीने सोरायसिस के 150-200 मरीज आते हैं, सर्दियों में यह संख्या बढ़ जाती है।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स सोरायसिस रोगियों के लिए बेहतर उपचार दे रहा है। डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि सोरायसिस एक प्रकार का चर्म रोग है, जिसमें त्वचा पर पपड़ीदार लाल धब्बे हो जाते हैं। यह अधिकतर वयस्कों में होता है, लेकिन अन्य आयु वर्ग के लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सौरभ ने मरीजों को बेहतर इलाज के लिए स्वयं उपचार के बजाय त्वचा विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दी। डॉ. शिवांगी राणा ने जानकारी देते हुए कहा कि फोटोथेरेपी और जैविक चिकित्सा जैसे नवाचारिक उपचार विकल्प आजकल सोरायसिस के रोगियों के लिए उपलब्ध है।
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आईआईएमएस गोरखपुर में विश्व सोरायसिस दिवस का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। विश्व सोरायसिस दिवस के अवसर पर एम्स गोरखपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सोरायसिस रोग और इसके प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि एम्स में औसतन हर महीने सोरायसिस के 150-200 मरीज आते हैं, सर्दियों में यह संख्या बढ़ जाती है।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स सोरायसिस रोगियों के लिए बेहतर उपचार दे रहा है। डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि सोरायसिस एक प्रकार का चर्म रोग है, जिसमें त्वचा पर पपड़ीदार लाल धब्बे हो जाते हैं। यह अधिकतर वयस्कों में होता है, लेकिन अन्य आयु वर्ग के लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सौरभ ने मरीजों को बेहतर इलाज के लिए स्वयं उपचार के बजाय त्वचा विशेषज्ञ के पास जाने की सलाह दी। डॉ. शिवांगी राणा ने जानकारी देते हुए कहा कि फोटोथेरेपी और जैविक चिकित्सा जैसे नवाचारिक उपचार विकल्प आजकल सोरायसिस के रोगियों के लिए उपलब्ध है।
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