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एनपीएस: दो हजार का अंशदान दे दिया निजी बैंक को, विरोध पर विजिलेंस जांच शुरू

Mon, 23 Oct 2023 10:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 23 Oct 2023 10:55 AM IST
सार

नई नियुक्ति पाए कर्मचारी अक्सर अपने खाते को चेक करते रहते हैं। पिछले महीने कुछ कर्मचारियों ने अपने अकाउंट चेक किए तो पता लगा कि हर महीने उनके शेयर में कमी आ रही है और मैसेज भी एसबीआई, एलआईसी या यूटीआई के बजाय एक निजी बैंक का आ रहा है।

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NPS Contribution of two thousand rupees given to private bank
गोरखपुर कारखाना प्रशिक्षण केंद्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना में करीब दो हजार कर्मचारियों के न्यू पेंशन स्कीम का अंशदान सरकारी बैंक की बजाय एक निजी बैंक को दे दिया गया है। करीब छह महीने बाद जब कर्मचारियों को इसकी भनक लगी तो मामला पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने रेल प्रशासन के समक्ष उठाया गया। इसके बाद अब पूरे मामले की जांच विजिलेंस से कराई जा रही है।

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उधर, रेल प्रशासन ने अब इस अंशदान के शेयरों को वापस सरकारी बैंकों में लाने के लिए एक नया फार्म भी जारी किया है। इस पर लिखा है-आप अपने शेयर की जांच कर लें। अगर अंशदान बदलने से असंतुष्ट हैं तो फिर सरकारी बैंक में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती होती है। उस पर सरकार 12 प्रतिशत धन देती है। यह 22 प्रतिशत धनराशि सरकार खुले बाजार में निवेश करती है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के यांत्रिक कारखाना कर्मचारियों के अंशदान का 34.5 प्रतिशत एसबीआई, 32 प्रतिशत यूटीआई और 33.5 प्रतिशत एलआईसी में निवेश किया गया था। इन सरकारी बैंकों में निवेश के चलते कर्मचारियों को अपना अंशदान सुरक्षित होने का एहसास था। साथ ही इससे सरकारी बैंकों की पूंजी भी बढ़ी हुई थी।
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करीब छह महीने पहले बिना किसी सूचना के ये अंशदान एक निजी बैंक में ट्रांसफर कर दिए गए। जबकि अंशदान के शेयर को किसी अन्य जगह निवेश करने पर कर्मचारियों की सहमति लिया जाना अनिवार्य है।

पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के यूथ विंग के उपाध्यक्ष निशांत यादव ने बताया कि 20 अक्तूबर 2023 को रेलवे प्रशासन की तरफ से एक नया फार्म जारी किया गया है। पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी रेल प्रशासन को दी गई है। कर्मचारियों का हित सुरक्षित होना चाहिए। इस संबंध में रेल प्रशासन से पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन, कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।

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पिछले महीने खाता चेक करने पर हुई जानकारी

नई नियुक्ति पाए कर्मचारी अक्सर अपने खाते को चेक करते रहते हैं। पिछले महीने कुछ कर्मचारियों ने अपने अकाउंट चेक किए तो पता लगा कि हर महीने उनके शेयर में कमी आ रही है और मैसेज भी एसबीआई, एलआईसी या यूटीआई के बजाय एक निजी बैंक का आ रहा है। कर्मचारियों ने इससे पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय को अवगत कराया। संगठन की मीटिंग में इस पर चर्चा के बाद वरिष्ठ अफसरों से शिकायत की गई। इसके बाद मामले की जांच स्थानीय विजलेंस ने शुरू की है।

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