UP News: अब एक क्लिक पर सामने होगी बदमाशों की कुंडली, फिंगरप्रिंट स्कैन कर पुलिस तैयार करेगी डाटा
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सेल का गठन कर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पकड़े गए बदमाशों को कोर्ट में पेश करने से पहले फिंगरप्रिंट लिया जाएगा। सेल इसी सप्ताह से अपना काम शुरू कर देगा।
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अब गिरफ्त में आए हर बदमाश का पुलिस फिंगरप्रिंट लेकर डाटा तैयार करेगी। डाटा सुरक्षित रखने के लिए नेशनल ऑटोमेटिक फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफीस) सेल का गठन किया गया। इसमें पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
सेल का ऑफिस जिला जेल के पास या फिर शहर लॉकअप के पास बने, इसपर एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई मंथन कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, जेल जाने से पहले बदमाशों के फिंगर प्रिंट स्कैन किए जाएंगे, फिर डाटा नाफीस सॉफ्टवेयर के जरिये एनसीआरबी में सुरक्षित रखा जाएगा। किसी अन्य जगह पर अपराध करने के बाद जैसे ही बदमाश का फिंगरप्रिंट नाफीस के सामने आएगा, उसकी पुरानी कुंडली खुलकर सामने आ जाएगी।
यह भी पता चल जाएगा कि उसने कहां-कहां और कब-कब अपराध किया है। कई ऐसे बदमाश हैं, जो दूसरे जिले में जाकर वारदात करते हैं और अपने शहर में शरीफ बनकर घूमते है। आगे ऐसा नहीं होगा। बड़ी वारदात करने के बाद छोटे अपराध में जेल जाने वाले बदमाश भी दबोचे जा सकेंगे।
ऐसे काम करता है सिस्टम
सॉफ्टवेयर में पकड़े गए बदमाश और सजा पाने वाले अपराधियों के फिंगरप्रिंट स्कैन कर उसका आपराधिक डाटा सुरक्षित होगा। इसमें दो स्कैनर हैं। पहला माफोटॉप लाइव प्रिंटर और दूसरा फ्लैट बैट प्रिंटर। अपराधी अगर पकड़े जाने पर अपनी पहचान छुपा रहा है और पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही है तो इस सिस्टम पर उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि सेल का गठन कर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पकड़े गए बदमाशों को कोर्ट में पेश करने से पहले फिंगरप्रिंट लिया जाएगा। सेल इसी सप्ताह से अपना काम शुरू कर देगा।