UP News: अब शमन मानचित्र भी ऑनलाइन होंगे निस्तारित, GDA ने शुरू की तैयारी
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शमन मानचित्र की व्यवस्था भी अब पूरी तरह से ऑनलाइन करने की तैयारी है। इसके लिए एक अगस्त को तीन प्राधिकरणों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशाला होगी। नई व्यवस्था से और सुधार होने की उम्मीद है।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में अब शमन मानचित्र भी ऑनलाइन ही निस्तारित किए जाएंगे। इससे समय से ऐसे मामलों का निस्तारण हो सकेगा तो वहीं प्राधिकरण की आय भी बढ़ेगी। जीडीए के साथ ही प्रदेश के बाकी प्राधिकरणों में भी यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। एक अगस्त को जीडीए सभागार में गोरखपुर के साथ ही बस्ती और अयोध्या विकास प्राधिकरण के अफसरों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शमन मानचित्र को लेकर ऑनलाइन व्यवस्था लागू होते ही प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में ऑफलाइन शमन मानचित्र की व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। नए मानचित्र की तरह अब इसे भी ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपीएएस) के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में 15 जून से इस नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू कर दिया गया है। वहां सफलता के साथ इसके संचालन को देखते हुए ही अन्य विकास प्राधिकरणों में भी इसे लागू करने की तैयारी शुरू की गई है।
क्या है शमन मानचित्र
किसी ने मानचित्र पास कराए बिना भवन का निर्माण करा लिया है या पास मानचित्र के विपरीत निर्माण कराया है तो उसे निर्माण नियमित कराने के लिए शमन (कंपाउंडिंग) करानी पड़ती है। इसके लिए शमन मानचित्र ऑफलाइन दाखिल करने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में कभी-कभी भ्रष्टाचार की भी शिकायतें मिलती हैं तो वहीं समय से निस्तारण नहीं होने को लेकर भी शिकायतें आती हैं। इन्हीं वजहों से शासन ने शमन मानचित्र भी ऑनलाइन प्रणाली से ही निस्तारित करने की तैयारी शुरू की है।
पहले अधिकारियों फिर आर्किटेक्ट को प्रशिक्षण
एक अगस्त की सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक गोरखपुर, बस्ती और अयोध्या प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। दोपहर बाद दो से शाम चार बजे तक आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर को प्रशिक्षित किया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जीडीए से संबद्ध आर्किटेक्ट व अभियंताओं को प्रशिक्षण में शामिल होने का निर्देश दिया है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि शमन मानचित्र की व्यवस्था भी अब पूरी तरह से ऑनलाइन करने की तैयारी है। इसके लिए एक अगस्त को तीन प्राधिकरणों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यशाला होगी। नई व्यवस्था से और सुधार होने की उम्मीद है। लोगों के आवेदन समय से निस्तारित होंगे, प्राधिकरण की भी आय बढ़ेगी।