फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   not resolved employees union building dispute at gorakhpur university

गोविवि: कर्मचारी संघ भवन पर कब्जा को लेकर अभी मामले का समाधान नहीं, दोनों गुट अब भी आमने-सामने

Fri, 26 Jun 2020 10:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 26 Jun 2020 10:36 AM IST
विज्ञापन
not resolved employees union building dispute at gorakhpur university
कर्मचारी संघ भवनकिा मिटाया गया नाम। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ भवन पर कब्जे को लेकर कर्मचारी नेताओं के दोनों गुट अब भी आमने-सामने हैं। आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुरुवार को दोनों तरफ से मुख्य नियंता को जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर तहरीर दी गई है।

विज्ञापन


उधर, दोनों गुटों के नेताओं ने कुलपति व कुलसचिव से मुलाकात कर अपनी बात रखी है और साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। कुलपति ने भी कुलसचिव को मामले के समाधान के लिए अधिकृत किया है।
विज्ञापन

 
कर्मचारी नेताओं में खींचतान काफी समय से है, लेकिन बुधवार को मामला उस वक्त गरमा गया जब एक गुट ने दूसरे को अवैध करार दिया। दूसरे गुट ने कर्मचारी संघ भवन पर नाम मिटाने को लेकर पेंटर भेज दिया। दोनों तरफ से लोग जुटे और पुलिस को पहुंचकर मामले में दखल देना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरुवार को कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन से कार्यकारिणी सदस्य शत्रुघ्न आनंद एवं रवि प्रकाश वर्मा तथा कर्मचारी संघर्ष समिति की ओर से राज बहादुर सिंह गौतम ने मुख्य नियंता को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया है। हालांकि अभी पुलिस को यह तहरीर नहीं दी गई है।

कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि मामला रजिस्ट्रार से संबंधित है। उन्हें कागजात का अध्ययन कर मामले का निपटारे करने को कहा है। अगर, कोई जबरन विवाद खड़ा कर कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो विश्वविद्यालय प्रशासन उससे सख्ती से निपटेगा।

13 जून 2018 को कार्यकारिणी की बैठक हुई। निर्णय हुआ कि 21 जून को आमसभा की बैठक होगी। बैठक हुई और विरोध करने वाले चारों कर्मचारी नेता शामिल थे। उन्होंने कार्रवाई रजिस्टर में हस्ताक्षर भी किया। निर्णय हुआ कि कर्मचारी संघ का रजिस्ट्रेशन कराया जाए।

कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि सर्वसम्मति से मुझे इसके लिए नामित किया गया। मैंने कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया। उस वक्त किसी ने विरोध नहीं जताया। सारी प्रक्रिया लीगल है और कुलपति व कुलसचिव को साक्ष्य के साथ अवगत कराया गया है।

कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि कुलपति और कुलसचिव से मिलकर सारी जानकारी दे दी है। कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन एक सामाजिक संगठन है। विश्वविद्यालय प्रशासन को गुमराह करके गलत तरीके से आदेश कराया गया है। इसकी जांच करा ली जाए तो सारी बातें सामने आ जाएंगी।

हालांकि अभी कुलसचिव की तरफ से कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारी संघ भवन पर गुरुवार की रात में नाम मिटाकर वेलफेयर एसोसिएशन का नाम लिखा जा रहा है। जानकारी के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन असहाय है। अगर, हमें न्याय नहीं मिला तो शासन, राजभवन और न्यायालय जाने के लिए बाध्य हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed