पूर्वोत्तर रेलवे: पहला गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल नकहा में तैयार, बढ़ेगी रेलवे की आय और रोजगार के अवसर
रोजाना दो रेक मालगाड़ी की एचयूआरएल ने की है डिमांड, जल्द ही यहां यूरिया की ढुलाई की संभावना, बढ़ेगी रेलवे की आय और रोजगार के अवसर।
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पूर्वोत्तर रेलवे का पहला और सबसे बड़ा गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल नकहा एचयूआरएल (हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड) परिसर में बनकर तैयार हो गया। इसे रेलवे ने अल्फा और न्यूमेरिकल कोड भी आवंटित कर दिया है। अब यहां से जरूरत के मुताबिक यूरिया की ढुलाई मालगाड़ियों से विभिन्न राज्यों में आसानी से हो सकेगी।
नकहा और कार्गो टर्मिनल की दूरी 1.493 किलोमीटर है। मालगाड़ी को इसे पार करने में महज सवा मिनट का समय लगेगा। स्टेशन और एचयूआरएल की कार्गो टर्मिनल साइडिंग को आपस में कनेक्ट भी कर दिया गया है। गोरखपुर खाद कारखाने से रोजाना एक मालगाड़ी यूरिया की आपूर्ति देश के विभिन्न हिस्सों में की जाएगी। इसके लिए हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड ने फिलहाल मालगाड़ी की दो रेक की मांग रेलवे से की है। इसे देखते हुए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
यूरिया की रोजाना एक रेक लोडिंग और ढुलाई शुरू होने से जहां रेलवे की कमाई बढ़ेगी, वहीं दूसरी तरफ एनई रेलवे में गोरखपुर सर्वाधिक माल लोडिंग वाला स्टेशन बन जाएगा।
अभी गोरखपुर से नहीं होती है माल की लोडिंग
गोरखपुर से माल लोडिंग नहीं होती है। यहां सिर्फ माल की अनलोडिंग की जाती है। यूरिया यहां से पहला ऐसा उत्पाद होगा, जो सीधे प्लांट से लोड होकर विभिन्न स्थानों के लिए जाएगा।
रोजाना लगभग एक करोड़ की होगी कमाई
मालगाड़ी से रोजाना यूरिया लोड कर बाहर भेजने से रेलवे रोजाना लगभग एक करोड़ की कमाई करेगा। आय बढ़ने से यहां सुविधाओं में बढ़ोतरी भी होगी।
48 कोच की एक रेक होगी बीसीएन
मालगाड़ी की एक रेक 48 कोच की होगी। एचयूआरएल से यूरिया लोड कर जो रेक रवाना होगी उसमें 48 वैगन यानी कोच होंगे। पूरी रेक बीसीएन श्रेणी यानी पूरी तरह से पैक होगी। इसमें यूरिया के लोड होने से बारिश, ठंड या गर्मी का कोई असर नहीं पड़ेगा। खास बात यह है कि इसका लॉकिंग सिस्टम भी काफी एडवांस बनाया गया है। इसमें से चोरी की भी आशंका न के बराबर होती है।