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गोरखपुर विश्वविद्यालय : ‘स्नेह लैब’ से जुड़ेंगे सभी कॉलेज
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने छात्रों में बढ़ते अवसाद को देखते हुए नई पहल की है। डीडीयू में स्थापित होने वाले ‘स्नेह लैब’ का लाभ कैंपस के साथ ही संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को भी मिलेगा। मनोविज्ञान विभाग में ही इसका नोडल केंद्र स्थापित किया जाएगा।
शैक्षणिक दबाव, रोजगार की चिंता और पारिवारिक अपेक्षाओं के कारण छात्रों में तनाव और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। यह तय किया गया है किम सभी कॉलेजों में केंद्र स्थापित कर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी।
मनोविज्ञान विभाग की प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि ‘स्नेह लैब’ के माध्यम से तनाव को कम करने और अवसाद की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रयास है कि सभी संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले।
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इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन मानसिक स्वास्थ्य को शैक्षणिक गुणवत्ता का अभिन्न अंग मानता है। मानसिक स्वास्थ्य को संस्थागत रूप से प्राथमिकता दी जाए तो विद्यार्थियों में सकारात्मक बदलाव दिखेगा।
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शैक्षणिक दबाव, रोजगार की चिंता और पारिवारिक अपेक्षाओं के कारण छात्रों में तनाव और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए डीडीयू प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। यह तय किया गया है किम सभी कॉलेजों में केंद्र स्थापित कर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाएगी।
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मनोविज्ञान विभाग की प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि ‘स्नेह लैब’ के माध्यम से तनाव को कम करने और अवसाद की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित काउंसिलिंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रयास है कि सभी संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिले।
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इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन मानसिक स्वास्थ्य को शैक्षणिक गुणवत्ता का अभिन्न अंग मानता है। मानसिक स्वास्थ्य को संस्थागत रूप से प्राथमिकता दी जाए तो विद्यार्थियों में सकारात्मक बदलाव दिखेगा।