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लापरवाही की हद: कोरोना से मृत घोषित लोगों में नौ मिले स्वस्थ, बोले- साहब! मैं जिंदा हूं, नहीं चाहिए आर्थिक मदद
Fri, 24 Dec 2021 02:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 24 Dec 2021 02:34 PM IST
सार
कोरोना से मृत लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करने की जानकारी देने के लिए कर्मचारियों ने फोन किया तो उधर से मिले जवाब ने उन्हें चौंका दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सरकारी अभिलेखों में कोरोना से गोरखपुर जिले में मृत घोषित 848 लोगों में से नौ ऐसे हैं जो जिंदा हैं। यह सच तब सामने आया जब सूची के बचे हुए लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करने की जानकारी देने के लिए फोन किया गया। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने खुद फोन उठाया। कर्मचारी ने जैसे ही संबंधित मृतक का नाम लेकर यह तस्दीक करनी चाही कि मोबाइल नंबर उसके परिवार के ही किसी सदस्य का है तो उधर से मिले जवाब ने कर्मचारी को चौंका दिया। मृतक का नाम लेकर जवाब मिला कि वह खुद बोल रहा है। अब इन सभी के नाम मृतकों की सूची से हटाए जा रहे हैं।
सरकार की तरफ से कोरोना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मदद से जिला प्रशासन ने जो मृतकों की सूची तैयार की है उसमें 848 लोगों के नाम हैं। शासन ने इनके परिवारों को मदद के लिए जिले को 4.24 करोड़ रुपये उपलब्ध करा रखे हैं। ज्यादातर पीड़ित परिवार की तरफ से आवेदन आ गए मगर अभी भी कुछ पीड़ितों ने आवेदन नहीं किए।
योजना का लाभ पहुंचाने के लिए ऐसे ही लोगों के मोबाइल नंबरों पर बात करने के दौरान यह बात सामने आई कि गलती से नौ ऐसे लोगों के नाम मृतकों की सूची में दर्ज कर लिए गए हैं जो जिंदा हैं। माना जा रहा है कि कोरोना काल में कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों या फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ऐसा हुआ है। आपदा विभाग के संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि सभी के नाम काट दिए गए हैं। सत्यापन के बाद ही संबंधित पीड़ित को आर्थिक मदद दी जा रही है।
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सरकार की तरफ से कोरोना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मदद से जिला प्रशासन ने जो मृतकों की सूची तैयार की है उसमें 848 लोगों के नाम हैं। शासन ने इनके परिवारों को मदद के लिए जिले को 4.24 करोड़ रुपये उपलब्ध करा रखे हैं। ज्यादातर पीड़ित परिवार की तरफ से आवेदन आ गए मगर अभी भी कुछ पीड़ितों ने आवेदन नहीं किए।
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योजना का लाभ पहुंचाने के लिए ऐसे ही लोगों के मोबाइल नंबरों पर बात करने के दौरान यह बात सामने आई कि गलती से नौ ऐसे लोगों के नाम मृतकों की सूची में दर्ज कर लिए गए हैं जो जिंदा हैं। माना जा रहा है कि कोरोना काल में कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों या फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से ऐसा हुआ है। आपदा विभाग के संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि सभी के नाम काट दिए गए हैं। सत्यापन के बाद ही संबंधित पीड़ित को आर्थिक मदद दी जा रही है।
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