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NIA Raid: गोरखपुर में आठ घंटे से अधिक हुई पूछताछ, पाकिस्तान को सूचना देने के बदले लेनदेन का शक
Sun, 01 Jun 2025 11:09 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 01 Jun 2025 11:09 AM IST
सार
पूछताछ में एनआईए की टीम ने अनीता सिंह के नंबर पर भेजे गए रुपयों का स्क्रीनशॉट दिखाया और अनीता से संबंध के बारे में जानकारी ली। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि बेटे और परिजनों ने अनभिज्ञता जताते हुए उसे जानने से इंकार किया। सख्ती से पूछने पर बेटे के माेबाइल की गूगल हिस्ट्री की जांच में चार जनवरी को अनीता सिंह के नाम पर एक नंबर से रुपये भेजे गए मिले।
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पन्नेलाल यादव के भाई मुन्नी लाल यादव को टीम अपने साथ ले जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने पाकिस्तान को गोपनीय सूचनाएं देने की आरोपी महिला के खाते में रुपये भेजे जाने के मामले में शनिवार को खजनी और शहर के तारामंडल इलाके में छापा मारा। जांच के दौरान पता चला कि महिला अनीता सिंह के खाते में तारामंडल निवासी और बैंकॉक में कारोबारी पन्ना यादव के बेटे अमन यादव और बेटी ने रुपये भेजे थे।
एजेंसी यह खंगालने में जुटी है कि यह लेनदेन पाकिस्तान को सूचनाएं देने के बदले हुआ है या नहीं। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो पन्ना यादव के बेटे अमन यादव के बैंक खाते से 10 हजार रुपये और बेटी के खाते से पांच हजार रुपये अनीता सिंह के गूगल नंबर पर भेजे गए थे। इसी के बाद गोरखपुर का यह परिवार जांच एजेंसी के रडार पर आया।
एनआईए की टीम पहले खजनी थाना क्षेत्र के रावतदाढ़ी गांव पहुंची। यहां पन्ना यादव के मकान में टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि घर पर तीन महिलाओं के अलावा एक बुजुर्ग रहते हैं। पूछताछ में पता चला कि बुजुर्ग, पन्ना यादव के भाई हैं। टीम ने उनसे पूछताछ की और उन्हें साथ लेकर सुबह तारामंडल, बुद्ध विहार पार्ट ए स्थित घर पहुंची। टीम ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
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पूछताछ में एनआईए की टीम ने अनीता सिंह के नंबर पर भेजे गए रुपयों का स्क्रीनशॉट दिखाया और अनीता से संबंध के बारे में जानकारी ली। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि बेटे और परिजनों ने अनभिज्ञता जताते हुए उसे जानने से इंकार किया। सख्ती से पूछने पर बेटे के माेबाइल की गूगल हिस्ट्री की जांच में चार जनवरी को अनीता सिंह के नाम पर एक नंबर से रुपये भेजे गए मिले।
बेटे ने टीम को बताया कि एक रेस्टोरेंट में उसे किसी ने नकद देकर एक मोबाइल नंबर पर इसे ऑनलाइन भेजने के लिए अनुरोध करने लगा। उसने अपने नंबर से 10 हजार और उसके कहने पर बहन ने भी पांच हजार रुपये अनीता के खाते में भेज दिए। उसका कहना है कि उसे न तो अनीता के बारे में जानकारी है और न ही जिसने उनसे रुपये भेजने के लिए कहा था, उसके बारे में ही कोई जानकारी है।
हालांकि, एनआईए इस बयान को संदिग्ध मान रही है। एजेंसी का मानना है कि पिता बैंकॉक से हुंडी का काम करते हैं। ऐसे में अचानक से ऐसा क्या हो गया कि इस परिवार के संपर्क में ही वह अज्ञात व्यक्ति आया और उसके कहने पर इन लोगों ने अनीता सिंह के खाते में रुपये भेज दिए।
परिवारिक सदस्य ने भी बताया कि किसी अनीता सिंह के खाते में रुपये भेज दिए गए थे। इसका कनेक्शन पाकिस्तान से लेन-देन में सामने आया है। इसी की जांच करने टीम आई थी, मनी लॉंड्रिंग या कोई और बात नहीं है।
एनआईए ने चार जून को अमन को बुलाया
एनआईए के डिप्टी एसपी आरके पांडेय ने पूछताछ के दौरान ही बीएनएस की धारा 179 के तहत बेटे अमन यादव को नोटिस दिया है। नोटिस में अमन को चार जून को अपने सभी रिकाॅर्ड के साथ लखनऊ एनआईए के मुख्यालय में मौजूद होना है।
यह नोटिस 12/2025 एनआईए एक्ट के तहत केस के सिलसिले में दिया गया है। इसी केस के सिलसिले में टीम पूछताछ करने भी आई थी। इसके तहत ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और यूएपीए एक्ट के तहत दर्ज केस की जांच में संदिग्ध पाए जाने पर बुलाया गया है।
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एजेंसी यह खंगालने में जुटी है कि यह लेनदेन पाकिस्तान को सूचनाएं देने के बदले हुआ है या नहीं। जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो पन्ना यादव के बेटे अमन यादव के बैंक खाते से 10 हजार रुपये और बेटी के खाते से पांच हजार रुपये अनीता सिंह के गूगल नंबर पर भेजे गए थे। इसी के बाद गोरखपुर का यह परिवार जांच एजेंसी के रडार पर आया।
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एनआईए की टीम पहले खजनी थाना क्षेत्र के रावतदाढ़ी गांव पहुंची। यहां पन्ना यादव के मकान में टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि घर पर तीन महिलाओं के अलावा एक बुजुर्ग रहते हैं। पूछताछ में पता चला कि बुजुर्ग, पन्ना यादव के भाई हैं। टीम ने उनसे पूछताछ की और उन्हें साथ लेकर सुबह तारामंडल, बुद्ध विहार पार्ट ए स्थित घर पहुंची। टीम ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
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पूछताछ में एनआईए की टीम ने अनीता सिंह के नंबर पर भेजे गए रुपयों का स्क्रीनशॉट दिखाया और अनीता से संबंध के बारे में जानकारी ली। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि बेटे और परिजनों ने अनभिज्ञता जताते हुए उसे जानने से इंकार किया। सख्ती से पूछने पर बेटे के माेबाइल की गूगल हिस्ट्री की जांच में चार जनवरी को अनीता सिंह के नाम पर एक नंबर से रुपये भेजे गए मिले।
बेटे ने टीम को बताया कि एक रेस्टोरेंट में उसे किसी ने नकद देकर एक मोबाइल नंबर पर इसे ऑनलाइन भेजने के लिए अनुरोध करने लगा। उसने अपने नंबर से 10 हजार और उसके कहने पर बहन ने भी पांच हजार रुपये अनीता के खाते में भेज दिए। उसका कहना है कि उसे न तो अनीता के बारे में जानकारी है और न ही जिसने उनसे रुपये भेजने के लिए कहा था, उसके बारे में ही कोई जानकारी है।
हालांकि, एनआईए इस बयान को संदिग्ध मान रही है। एजेंसी का मानना है कि पिता बैंकॉक से हुंडी का काम करते हैं। ऐसे में अचानक से ऐसा क्या हो गया कि इस परिवार के संपर्क में ही वह अज्ञात व्यक्ति आया और उसके कहने पर इन लोगों ने अनीता सिंह के खाते में रुपये भेज दिए।
परिवारिक सदस्य ने भी बताया कि किसी अनीता सिंह के खाते में रुपये भेज दिए गए थे। इसका कनेक्शन पाकिस्तान से लेन-देन में सामने आया है। इसी की जांच करने टीम आई थी, मनी लॉंड्रिंग या कोई और बात नहीं है।
एनआईए ने चार जून को अमन को बुलाया
एनआईए के डिप्टी एसपी आरके पांडेय ने पूछताछ के दौरान ही बीएनएस की धारा 179 के तहत बेटे अमन यादव को नोटिस दिया है। नोटिस में अमन को चार जून को अपने सभी रिकाॅर्ड के साथ लखनऊ एनआईए के मुख्यालय में मौजूद होना है।
यह नोटिस 12/2025 एनआईए एक्ट के तहत केस के सिलसिले में दिया गया है। इसी केस के सिलसिले में टीम पूछताछ करने भी आई थी। इसके तहत ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और यूएपीए एक्ट के तहत दर्ज केस की जांच में संदिग्ध पाए जाने पर बुलाया गया है।