फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   New twist in businessman kidnapping case after 23 years Victim says former minister Amarmani had no role basti

UP: अपहरण मामले में 23 साल बाद नया मोड़... पूर्व मंत्री अमरमणि की भूमिका नहीं; व्यापारी ने कोर्ट में दिया पत्र

Sat, 22 Jun 2024 02:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, बस्ती Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 22 Jun 2024 02:36 PM IST
सार

व्यापारी अपहरण मामले में 23 साल बाद नया मोड़ आ गया है। पीड़ित ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पूर्व मंत्री अमरमणि की कोई भूमिका नहीं थी।

विज्ञापन
New twist in businessman kidnapping case after 23 years Victim says former minister Amarmani had no role basti
अमर मणि का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

व्यापारी राहुल मद्धेशिया के अपहरण के मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के खिलाफ चल रहे केस में 23 साल बाद नया मोड़ आ गया है। अगवा किए गए राहुल ने ही शुक्रवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसके अपहरण में अमरमणि की कोई भूमिका नहीं रही है। वह इस मामले में सुलहनामा दाखिल करना चाहता है। 
विज्ञापन


वहीं, कोर्ट को एक और गुमनाम पत्र मिला है जिसमें गोरखपुर और लखनऊ में अमरमणि की कुछ और संपत्तियां बताई गई हैं। विशेष न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट प्रमोद गिरि ने दोबारा जांच कर संपत्ति कुर्क करके छह जुलाई तक कुर्की कुलिंदा न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


बस्ती के रहने वाले व्यापारी मद्देशिया ने शुक्रवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसके अपहरण में अमरमणि की कोई भूमिका नहीं थी। वह उन्हें जानता-पहचानता तक नहीं है और न ही कभी उनसे मिला है। उसके अपहरण के दौरान किसी व्यक्ति ने उसके सामने अमरमणि का नाम भी नहीं लिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला
6 दिसंबर, 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। उसे अमरमणि के लखनऊ स्थित आवास से पुलिस ने बरामद किया था। कोतवाली थाने में अमरमणि समेत नौ पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। 
 

कानूनी तौर पर सुलह का प्रस्ताव अप्रासंगिक: विशेषज्ञों का कहना है कि इस केस में कुर्की की कार्रवाई गैंगस्टर की धारा में कोर्ट में पेश न होने की वजह से चल रही है। केस की नवैयत से अभी इसका कोई लेना-देना नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण मोहन उपाध्याय ने बताया कि गैंगस्टर केस में पुलिस वादी होती है। 

इसलिए कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता। वहीं आईपीसी में अपहरण की धारा में सुलह का प्रावधान नहीं है। जो कुछ होना है वह ट्रायल के समय ही हो सकता है। सबसे अहम बात यह कि अपहरण का केस दर्ज कराने वाले राहुल के पिता का निधन हो चुका है। वादी के न रहने पर कोई अन्य सुलह नहीं कर सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed