बदल रहा है गोरखपुर: गोलघर में सीएम की सलाह पर कांप्लेक्स का नया प्रस्ताव, मल्टीप्लेक्स-होटल बनाने की है योजना
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिटर्न ऑफ इंवेस्टमेंट (आरओआई) की जानकारी ली थी। पूरे प्रस्ताव को फिर से संशोधित कर मुख्यमंत्री के आने वाले दौरे पर उन्हें दिखाया जाएगा। हमारी तैयारी है कि नगर निगम इस योजना से 2000 करोड़ रुपये की आय अर्जित करे।
विस्तार
गोलघर में नगर निगम की दुकानों को तोड़कर काॅमर्शियल मॉल, मल्टीप्लेक्स और होटल बनाने के लिए अब नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया गया है। पिछले दिनों नगर आयुक्त ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री के सामने पूरी परियोजना का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन किया था। मुख्यमंत्री ने रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट (आरओआई) की जानकारी के बाद लागत और आय के अर्जन के स्रोत को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद नगर निगम ने अब नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर संशोधित डीपीआर बना लिया है। अब इसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
गोलघर के सभी प्रोजेक्टों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी रहती है। इस प्रोजेक्ट से दो हजार करोड़ रुपये की आय की संभावना जताई गई है। इसका संशोधित डीपीआर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री के आगामी दौरे पर अनुमति लेकर फिर से उनके सामने रिवाइज प्रपोजल को रखने की तैयारी है। नगर निगम के मुताबिक, करीब तीन एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना पर 200 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
इसे भी पढ़ें: जाम से निपटने की पहल: फोटो रिकॉर्ड में रखेंगे…दोबारा कब्जा मिला तो चौकी इंचार्ज नपेंगे
ये पूरा निर्माण, जलकल कार्यालय परिसर स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के पास से कचहरी चौराहा होते हुए भालोटिया मार्केट तक होगा। इस क्षेत्र में नगर निगम की दुकानों को तोड़ा जाएगा। कामर्शियल माल में इन दुकानों को समाहित किया जाएगा, ताकि दुकानदारों को किसी तरह की दिक्कत न हो। पूरा निर्माण, पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) मोड पर होगा। इसके लिए निगम प्रशासन आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी करेगा। निगम को अधिक शेयर देने वाली संस्था के साथ एक कंपनी बनेगी। नगर निगम के हिस्से जो खर्च आएगा उसे निगम प्रशासन अपने म्यूनिसिपल बांड के जरिए खर्च करेगा। फिलहाल दो साल में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुआवजा कैसे मिलेगा, व्यापारी पूछने के लिए पहुंचने लगे नगर निगम
गोलघर जलकर भवन से लेकर भॉलोटिया की तरफ वाले कटरे में बसे दुकानदार ध्वस्तीकरण पर मुआवजे की उम्मीद लेकर नगर निगम पहुंचने लगे हैं। एक दुकानदार ने पिछले कुछ दिन पहले मूल आवंटी से 70 लाख रुपये में दुकान खरीदने की बात कही। बताया कि दुकान टूटेगी तो उनका बहुत नुकसान होगा। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि पूरी जमीन नगर निगम है। दुकानें टूटने के बाद नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में इन दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुआवजा जैसी कोई चीज इसमें नहीं होगी।
इसे भी पढ़ें: नेपाल से चली जल कलश यात्रा पहुंची गोरखनाथ मंदिर, धूमधाम से हुआ स्वागत
जलकल भवन से लेकर भालोटिया बाजार की तरफ से नगर निगम की जमीन पर बनी दुकानों को तोड़कर कामर्शियल मॉल, मल्टीप्लेक्स और होटल बनाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सरकारी दुकानों में बहुत सी दुकानें ऐसी हैं, जो आवंटित किसी के नाम पर और संचालित दूसरे कर रहे हैं। इसके बदले में अच्छा खासी रकम भी ली गई है।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रिटर्न ऑफ इंवेस्टमेंट (आरओआई) की जानकारी ली थी। पूरे प्रस्ताव को फिर से संशोधित कर मुख्यमंत्री के आने वाले दौरे पर उन्हें दिखाया जाएगा। हमारी तैयारी है कि नगर निगम इस योजना से 2000 करोड़ रुपये की आय अर्जित करे। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही फिर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दुकानदारों को नए शॉपिंग कांप्लेक्स में प्राथमिकता दी जाएगी।