{"_id":"658e6e4690d7b7a91a0f49c4","slug":"water-chariot-will-reach-late-night-welcome-will-be-given-at-gorakhnath-temple-today-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ram Mandir: नेपाल से चली जल कलश यात्रा पहुंची गोरखनाथ मंदिर, धूमधाम से हुआ स्वागत","category":{"title":"Ram Mandir","title_hn":"राम मंदिर","slug":"ram-mandir"}}
Ram Mandir: नेपाल से चली जल कलश यात्रा पहुंची गोरखनाथ मंदिर, धूमधाम से हुआ स्वागत
Fri, 29 Dec 2023 01:00 PM IST
vivek shukla
राजेश कुमार, गोरखपुर।
राजेश कुमार, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 29 Dec 2023 01:00 PM IST
सार
नेपाल से पवित्र नदियों का जल लेकर अयोध्या जा रहा जल कलश रथ का गोरखनाथ मंदिर में स्वागत किया गया। गोरखपुर पहुंचने पर जल रथ का विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं स्वागत किया।
विज्ञापन
अयोध्या धाम में भगवान राम के जलाभिषेक के लिए नेपाल जनकपुर से जल कलश यात्रा देर रात पहुंचा तमकुही राज
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अयोध्या में रामलला के जलाभिषेक के लिए नेपाल की नदियों का जल एकत्रित कर अयोध्या ले जाया जा रहा है। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर पहुंचा है। गोरखपुर पहुंचने पर जल रथ का विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं स्वागत किया।
विश्व हिंदू परिषद के दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया सुबह गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर जल रथ को अयोध्या के लिए रवाना कराया जाएग। उन्होंने बताया कि इस रथ पर रखे कलशों में नेपाल के बागमती, नारायणी, गंगा सागर, दूधमति, काली, गंडकी, कोशी, कमला आदि नदियों का जल है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में नए साल का जश्न मनाइए...पर हुड़दंग किए तो जाएंगे जेल
विज्ञापन
22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के समय पूजन विधि में इसी जल का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या से भगवान राम के मंदिर प्राण प्रतिष्ठान का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही राम भक्तों की आस्था और विश्वास देखते ही बन रहा है। भगवान राम के ससुराल जनकपुर यानी नेपाल के लोग अपने दामाद के महल में प्रवेश को लेकर आतुर हैं।
विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया सुबह गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर जल रथ को अयोध्या के लिए रवाना कराया जाएग। उन्होंने बताया कि इस रथ पर रखे कलशों में नेपाल के बागमती, नारायणी, गंगा सागर, दूधमति, काली, गंडकी, कोशी, कमला आदि नदियों का जल है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में नए साल का जश्न मनाइए...पर हुड़दंग किए तो जाएंगे जेल
विज्ञापन
22 जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के समय पूजन विधि में इसी जल का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या से भगवान राम के मंदिर प्राण प्रतिष्ठान का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही राम भक्तों की आस्था और विश्वास देखते ही बन रहा है। भगवान राम के ससुराल जनकपुर यानी नेपाल के लोग अपने दामाद के महल में प्रवेश को लेकर आतुर हैं।