जाम से निपटने की पहल: फोटो रिकॉर्ड में रखेंगे…दोबारा कब्जा मिला तो चौकी इंचार्ज नपेंगे
गोरखपुर में जाम से निपटने के लिए पुलिस पहल कर रही है। आईजी के आदेश पर सड़क पर कब्जा करने वालों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। अतिक्रमण मुक्त होने के बाद दोबारा कब्जा मिला तो चौकी इंचार्ज नपेंगे।
विस्तार
गोरखपुर शहर की सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों की फोटो पुलिस अपने रिकॉर्ड में रखेगी। अगर उसी शख्स ने दोबारा अतिक्रमण किया तो चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उन्हें हटा दिया जाएगा। अतिक्रमण की जांच सीओ रैंक के अफसर से कराई जाएगी।
इस संबंध में आईजी जे रविंद्र ने आदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अब अतिक्रमण हटाने के दौरान ही सभी के लिए गए फोटो को सुरक्षित रखना होगा। साथ ही पुलिस को डिटेल भी दर्ज करना होगा कि किस जगह पर किस शख्स ने अतिक्रमण किया। आईजी का आदेश आने के बाद से ही पुलिस रिकॉर्ड तैयार करने लगी है।
जानकारी के मुताबिक, शहर की सड़कों से अतिक्रमण तो हट गया, लेकिन उसे हटाए रखना बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए आईजी ने चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी तय करने का आदेश दिया है। दरअसल, शहर के काली मंदिर, गोलघर, शास्त्री चौक, बेतियाहाता, रुस्तमपुर समेत तकरीबन सभी प्रमुख जगहों से अतिक्रमण हटाया गया है। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाकर रास्ते पर वाहनों को सरपट दौड़ने लायक बना दिया।
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रेलवे स्टेशन रोड जैसे रास्ते से भी अतिक्रमण हट गया है। अब आईजी ने अतिक्रमण की वजह से फिर शहर की सूरत खराब न हो, इसे लेकर सतर्क रहने का आदेश जारी किया है। एसएसपी को पत्र भेजकर कहा गया है कि चौकी इंचार्ज की जिम्मेदारी तय की जाए कि वह अतिक्रमण को लेकर सतर्क रहें और रोजाना इसकी जांच करें। अपने-अपने इलाके में चौकी इंचार्ज सुनिश्चित कराएं कि कहीं भी दोबारा अतिक्रमण न लगने पाए।
सीओ को करनी होगी समीक्षा
सीओ को इस बात की समीक्षा करनी होगी कि दोबारा अतिक्रमण न लगने पाए। अगर अतिक्रमण लगा मिले तो इस बात की सीओ जांच करेंगे कि वहीं शख्स दोबारा अतिक्रमण किया था या फिर कोई दूसरा आ गया। अगर वहीं शख्स अतिक्रमण किए मिला तो सीओ चौकी इंचार्ज की रिपोर्ट देंगे और फिर कार्रवाई की जाएगी।
आईजी गोरखपुर रेंज जे रविंद्र ने कहा कि जहां से भी अतिक्रमण हटाए गए हैं, वहां पर दोबारा न लगने पाए, इसकी जिम्मेदारी चौकी इंचार्ज की तय करने का आदेश दिया गया है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह अतिक्रमण हटाने के दौरान जिस शख्स ने अतिक्रमण हटाया है उसके फोटो को रिकॉर्ड में रख लें, ताकि दोबारा अतिक्रमण होने पर यह सुनिश्चित हो सके कि उसी शख्स ने पुलिस की लापरवाही से दोबारा अतिक्रमण किया है या कोई नया गया है। अगर वहीं शख्स दोबारा मिला तो संबंधित चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की जाएगी।
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कचहरी-शास्त्री चौक लेन : खंभे की आड़ में सज गईं दुकानें...बचती है 20 फीट सड़क
कचहरी चौराहा से शास्त्री चौक की ओर बढ़ने पर दाईं तरफ सड़क पर छह फीट आगे बढ़कर बिजली के खंभों का जाल फैला है। अब इसी की आड़ में दुकानदारों ने फुटपाथ पर कब्जा जमा लिया है। इस रोड पर सभी दुकानदारों ने फुटपाथ अपनी दुकान का सामान सजाकर कब्जा कर लिया है। सात फीट का कब्जा होने की वजह से सड़क चलने के लिए महज 20 फीट ही बचती है। जिसकी वजह से सिग्नल बंद होते ही लंबा जाम लग जाता है और लोग परेशान होते हैं।
आगे बढ़ने पर शास्त्री चौक पर ऑटो वालों ने कब्जा जमा लिया है। जिस वजह से चौड़ा चौराहा भी सकरा हो जाता है और फिर लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। शास्त्री चौक से जैसे ही आगे सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज की तरफ बढ़ेंगे बाईं तरफ कब्जा है। दुकानदारों ने बाकायदा लोहे का एंगल लगा दिया है और इसके आगे ही ऑटो लगा दिया जाता है। फिर जाम की समस्या सामने आती है। इस रोड पर आगे बढ़ते ही दूसरे लेन पर ट्रांसफॉर्मर है और उसके आगे टेलीफोन का सिस्टम लगा है। इसकी आड़ में पार्किंग होने के बाद चलने के लिए सड़क महज आठ फीट ही बच पाती है।
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माॅर्ट से आठ फीट आगे खंभा...चलने को बचती है सात फीट सड़क
आंबेडकर चौक से हरिओम तिराहा की ओर जाने वाले रास्ते पर भी जाम की वजह अतिक्रमण है। आंबेडकर चौक से हरिओम की ओर बढ़ते ही एक मॉल है। उसके सामने आठ फीट आगे करके बिजली के खंभे लगे हैं। इस वजह से उसी की आड़ में जगह का इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जाता है। अब इसके बाद यहां पर चलने के लिए जगह महज सात फीट ही बचती है और उसमें भी ऑटो वालों का कब्जा होता है, जिस वजह से वाहन चलते नहीं, बल्कि रेंगते हैं। माॅर्ट से थोड़ा ही आगे बढ़ने पर फिर एक ट्रांसफाॅर्मर लगा दिया गया है और उससे चंद कदम आगे दुकानदार ने प्राइवेट जेनरेटर रख दिया है।
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बड़ा जेनरेटर और ट्रांसफार्मर की आड़ में इस जगह की सड़क का इस्तेमाल पूरी तरह से पार्किंग के लिए होता है। अब इसके बाद जो जगह बचती है, उसी पर चलना पड़ता है। अगर एक चार पहिया वाहन आ गया तो फिर जाम लगना तय मानिए। यही हाल आगे हरिओम तिराहा तक का है। हालांकि, कुछ दिनों पहले नगर निगम और पुलिस ने यहां से ठेले और फुटपाथ वालों को हटाया है, जिसकी वजह से थोड़ी सहूलियत हुई है, लेकिन अगर खंभे और अतिक्रमण हट जाए तो इस रोड पर भी वाहन फर्राटे भरने लगेंगे।
बृहस्पतिवार को भी एसपी ट्रैफिक श्यामदेव की अगुवाई में सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान नौसड़ चौराहे से अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों व यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य वाहनों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चलाकर 800 वाहनों का चालान काटा गया। सभी पर जुर्माना लगाने के साथ ही पार्किंग में ही वाहनों को खड़ा करने का निर्देश दिया गया।