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महायोजना-2031: बसेगा नया गोरखपुर शहर, जानिए क्या है जीडीए का 'मास्टर प्लान'
Sat, 23 Oct 2021 10:08 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 23 Oct 2021 10:08 AM IST
सार
जीडीए शहर के बीच में मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक सिटी सेंटर बसाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए महायोजना-2031 में प्रावधान किए जा रहे हैं। इस नए शहर में ग्रुप हाउसिंग, होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, पेट्रोल पंप जैसी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
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गोरखपुर शहर।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कुशीनगर मार्ग पर जगदीशपुर से देवरिया रोड के बीच गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) एक नया शहर बसाने जा रहा है। निजी निवेशकों द्वारा तैयार होने वाली यह सिटी विकास की राह पर सरपट दौड़ रही सीएम सिटी की नई पहचान होगी। करीब 2500 एकड़ में फैले इस शहर में सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। करीब डेढ़ लाख आबादी इसमें बस सकेगी।
जानकारी के अनुसार, जीडीए शहर के बीच में मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक सिटी सेंटर बसाने की योजना पर काम कर रहा है। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होने के साथ ही जीडीए इस योजना की तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित नई सिटी में होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, ग्रुप हाउसिंग, रिसॉर्ट, बैंक्वेट हाल, आवासीय कालोनी, बिजनेस हाल, पेट्रोल पंप, अस्पताल जैसी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसके लिए महायोजना-2031 में प्रावधान किए जा रहे हैं। इसी मुताबिक भू-उपयोग भी तय किया जा रहा है। जीडीए का मानना है कि नए शहर में करीब 1.5 लाख की आबादी बसाई जा सकेगी।
निजी निवेशक तैयार करेंगे नया शहर
प्रस्तावित नए शहर के लिए जीडीए जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगा। निजी निवेशक इस सिटी को तैयार करेंगे। सड़क, नाली व अन्य सुविधाओं के लिए नियम जीडीए तय करेगा। इस क्षेत्र में अभी जमीन कृषि योग्य है। प्राधिकरण नई महायोजना में इलाके की जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय व व्यावसायिक कर देगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रिंग रोड की वजह से यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में जीडीए गोरखपुर एवं बाहर के बड़े रियल इस्टेट कारोबारियों को नया गोरखपुर बसाने के लिए निवेश करने को प्रेरित करेगा।
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जानकारी के अनुसार, जीडीए शहर के बीच में मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक सिटी सेंटर बसाने की योजना पर काम कर रहा है। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होने के साथ ही जीडीए इस योजना की तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित नई सिटी में होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, ग्रुप हाउसिंग, रिसॉर्ट, बैंक्वेट हाल, आवासीय कालोनी, बिजनेस हाल, पेट्रोल पंप, अस्पताल जैसी सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसके लिए महायोजना-2031 में प्रावधान किए जा रहे हैं। इसी मुताबिक भू-उपयोग भी तय किया जा रहा है। जीडीए का मानना है कि नए शहर में करीब 1.5 लाख की आबादी बसाई जा सकेगी।
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निजी निवेशक तैयार करेंगे नया शहर
प्रस्तावित नए शहर के लिए जीडीए जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगा। निजी निवेशक इस सिटी को तैयार करेंगे। सड़क, नाली व अन्य सुविधाओं के लिए नियम जीडीए तय करेगा। इस क्षेत्र में अभी जमीन कृषि योग्य है। प्राधिकरण नई महायोजना में इलाके की जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय व व्यावसायिक कर देगा। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रिंग रोड की वजह से यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में जीडीए गोरखपुर एवं बाहर के बड़े रियल इस्टेट कारोबारियों को नया गोरखपुर बसाने के लिए निवेश करने को प्रेरित करेगा।
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गोरखपुर और कुशीनगर एयरपोर्ट पड़ेंगे नजदीक
गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
जिस जगह नया शहर बसाने की योजना है, वहां से गोरखपुर और कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने में काफी आसानी होगी। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड बन जाने के बाद नेपाल, महराजगंज, बिहार, देवरिया, लखनऊ की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। रिंग रोड के लिए फंड स्वीकृत हो चुका है। जिला प्रशासन, रामनगर कड़जहां में पहले से ही आधुनिक बस अड्डा बनाने की योजना है।
सोनबरसा तक है जीडीए की सीमा
कुशीनगर रोड पर सोनबरसा तक जीडीए की सीमा है। सड़क की दोनों तरफ 300 मीटर तक वाणिज्यिक भू-उपयोग हो सकता है। महायोजना-2031 में इस संबंध में लगभग सहमति बन चुकी है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए अनुमति मिलने के बाद तेजी से निजी निवेश आने की संभावना है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि शहर तेजी से विकसित हो रहा है। इसे देखते हुए जीडीए का भी दायरा बढ़ाया गया है। अब प्राधिकरण क्षेत्र में 300 से अधिक गांव शामिल हैं। महायोजना-2031 में लोगों को अधिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में नया गोरखपुर बसाने की तैयारी है। सोनबरसा मार्ग पर जगदीशपुर से देवरिया मार्ग के बीच 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में नया शहर बसाया जाएगा। इसमें सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए इसलिए कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय एवं व्यावसायिक किया जा रहा है।
सोनबरसा तक है जीडीए की सीमा
कुशीनगर रोड पर सोनबरसा तक जीडीए की सीमा है। सड़क की दोनों तरफ 300 मीटर तक वाणिज्यिक भू-उपयोग हो सकता है। महायोजना-2031 में इस संबंध में लगभग सहमति बन चुकी है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए अनुमति मिलने के बाद तेजी से निजी निवेश आने की संभावना है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि शहर तेजी से विकसित हो रहा है। इसे देखते हुए जीडीए का भी दायरा बढ़ाया गया है। अब प्राधिकरण क्षेत्र में 300 से अधिक गांव शामिल हैं। महायोजना-2031 में लोगों को अधिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में नया गोरखपुर बसाने की तैयारी है। सोनबरसा मार्ग पर जगदीशपुर से देवरिया मार्ग के बीच 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में नया शहर बसाया जाएगा। इसमें सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए इसलिए कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय एवं व्यावसायिक किया जा रहा है।