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अमर उजाला लाइव: गोरखपुर का गोलघर है नो वेंडिंग जोन, पर ठेले खोमचों पर साहब मौन
Fri, 31 Mar 2023 02:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 31 Mar 2023 02:56 PM IST
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यह तस्वीर दोपहर तीन बजे गोलघर से ली गई है।
- फोटो : अमर उजाला।
तकरीबन पांच दशक पहले गोलघर की सड़क सिंगल लेन थी, फिर बीच में डिवाइडर बना और डबल लेन हो गई। अब सड़क 80 फीट चौड़ी हो गई है। लेकिन, बाजार खुलते ही चाट-डोसा-मोमो के साथ ही बेडशीट और बैग की दुकानें सज जाती हैं। इससे सड़क पर 15 से 20 फीट कब्जा हो जाता है। जबकि, यह क्षेत्र पहले ही नो वेंडिंग जोन घोषित किया जा चुका है।
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जाम की मुख्य जड़ अतिक्रमण है, क्योंकि रात और तड़के इस वीआईपी बाजार की जो सड़क खूब चौड़ी दिखती हैं, दिन में वही सिकुड़ कर आधा हो जाती हैं। गोलघर के व्यापारियों का भी कहना है कि नाम से काम नहीं चलेगा। नो वेडिंग जोन बनाना है तो लगातार सख्ती बरतकर सड़क पर लगी दुकानों को हटाना भी चाहिए। इस मुद्दे पर लापरवाही बरती जा रही है, मगर अधिकारी भी मौन धारण किए हुए हैं।
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23 नवंबर 2021 से है नो वेंडिंग जोन
गोलघर की सड़क को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम ने 23 नवंबर 2021 से शास्त्री चौक से गोलघर काली मंदिर तक की सड़क को नो वेंडिंग जोन घोषित कर दिया। सड़क के किनारे कहीं पर भी फास्ट फूड, ठेले या फेरी की दुकानें नहीं लगनी थीं। इन सभी दुकानों को नगर निगम के म्यूजिकल फाउंटेन के बगल में फूडकोर्ट बनाकर बसाना था। इसके लिए अभियान चलाया गया, जो एक से दो दिन ही चला। जुर्माना भी लगाया गया। फिर दुकानें सजने लगीं। अधिकारियों ने कभी इस सड़क को जाम से मुक्त कराने के लिए गंभीरता से लिया ही नहीं। बस योजनाएं बनती रहीं।
15 फीट अतिक्रमण हटा दें तो गौलरी न तोड़नी पड़े
यह तस्वीर रात 11 बजे गोलघर से ली गई है।
- फोटो : अमर उजाला।
मेरा तो यह कहना है कि अगर सड़क पर लगने वाली दुकानों को हटा दिया जाए तो यही रोडकरीब 15 से 20 फीट और चौड़ी हो जाएगी। इससे न तो दुकान का बरामदा तोड़ना पड़ेगा और न ही दुकान की चौहद्दी नापने की जरूरत पड़ेगी। लेकिन, इसकी जगह गैलरी खाली कराने के लिए सर्वे हो रहे हैं। - दिनेश गुप्ता, गोल्डन ड्रेसेज।
इससे चौड़ी सड़क कहां है
सड़क पर अतिक्रमण गोलघर की सबसे बड़ी समस्या है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। जबकि, जाम की समस्या का मूल जड़ यही है। अधिकारियों से कई बार इस संबंध में अनुरोध किया गया है। वे सख्ती बरतकर अतिक्रमण हटाएं, आप देखिएगा इतनी चौड़ी सड़क शहर में कहीं दिखेगी नहीं। - सुनील राहुजा, बर्तन एवं क्राकरी विक्रेता।
नो वेंडिंग जोन में फड़ लगती कैसे है
गोलघर को नो वेंडिंग जोन नगर निगम ने ही घोषित किया है। ऐसे में सड़क पर कब्जा कर फड़ कैसे लग रही हैं? यह देखना नगर निगम के अधिकारियों का काम है। दिखावे के लिए दो-चार दिन अभियान चलेगा फिर दुकानें सज जाएंगी। यहां जो सामान लेते हैं, उनकी भी गाड़ियां होती हैं। इससे आधी सड़क पर कब्जा हो जाता है। - डॉ. दीपक श्रीवास्तव, मदन क्लीनिक।
सड़क चौड़ी है, बस अतिक्रमण हटाएं
करीब 57 वर्ष से मेरी दुकान है। पहले जितनी चौड़ी सड़क थी, उतनी आज भी है। फर्क बस ये आया है कि अब चाट-डोसा, बैग और बेड शीट की फेरी की दुकानें सड़क पर लगती हैं। अगर ये दुकानें हट जाएं, इन्हें कहीं और व्यवस्थित कर दें, तो सड़क पर जाम लगेगा ही नहीं। ठेले वालों को रूकने न दें। यह काम भी नहीं कर पा रहे हैं।- अशोक कुमार, बाम्बे फोटो स्टूडियो।
इससे चौड़ी सड़क कहां है
सड़क पर अतिक्रमण गोलघर की सबसे बड़ी समस्या है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। जबकि, जाम की समस्या का मूल जड़ यही है। अधिकारियों से कई बार इस संबंध में अनुरोध किया गया है। वे सख्ती बरतकर अतिक्रमण हटाएं, आप देखिएगा इतनी चौड़ी सड़क शहर में कहीं दिखेगी नहीं। - सुनील राहुजा, बर्तन एवं क्राकरी विक्रेता।
नो वेंडिंग जोन में फड़ लगती कैसे है
गोलघर को नो वेंडिंग जोन नगर निगम ने ही घोषित किया है। ऐसे में सड़क पर कब्जा कर फड़ कैसे लग रही हैं? यह देखना नगर निगम के अधिकारियों का काम है। दिखावे के लिए दो-चार दिन अभियान चलेगा फिर दुकानें सज जाएंगी। यहां जो सामान लेते हैं, उनकी भी गाड़ियां होती हैं। इससे आधी सड़क पर कब्जा हो जाता है। - डॉ. दीपक श्रीवास्तव, मदन क्लीनिक।
सड़क चौड़ी है, बस अतिक्रमण हटाएं
करीब 57 वर्ष से मेरी दुकान है। पहले जितनी चौड़ी सड़क थी, उतनी आज भी है। फर्क बस ये आया है कि अब चाट-डोसा, बैग और बेड शीट की फेरी की दुकानें सड़क पर लगती हैं। अगर ये दुकानें हट जाएं, इन्हें कहीं और व्यवस्थित कर दें, तो सड़क पर जाम लगेगा ही नहीं। ठेले वालों को रूकने न दें। यह काम भी नहीं कर पा रहे हैं।- अशोक कुमार, बाम्बे फोटो स्टूडियो।