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परीक्षा में लापरवाही: डीडीयू में बीएड की परीक्षा चल रही थी, 75 की जगह 100 अंक का प्रश्नपत्र- शिक्षक खुद हैरान

Tue, 28 Jan 2025 12:37 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Tue, 28 Jan 2025 12:37 PM IST
सार

सीबीसीएस पैटर्न के मुताबिक 100 अंकों में 25 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होना है, जबकि 75 अंकों का बाह्य मूल्यांकन। करीब सभी कॉलेजों ने आंतरिक मूल्यांकन का अंक चढ़ाकर डीडीयू के पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया है। ये प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय समेत 12 केंद्रों पर बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 22 जनवरी से चल रही हैं।

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Negligence came to light in B.Ed examination in Gorakhpur University, question paper given for 100 marks
गोरखपुर विश्वविद्यालय( सांकेतिक) - फोटो : डीडीयू सोशल मीडिया पेज

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में चल रही बीएड के विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तृतीय सेमेस्टर के प्रश्नपत्र 75 अंक की जगह 100-100 अंक के आ रहे हैं। प्रश्नपत्र देख परीक्षार्थी भी हैरान हैं। शिक्षकों के पास भी इस चूक का कोई जवाब नहीं है।

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सीबीसीएस पैटर्न के मुताबिक 100 अंकों में 25 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होना है, जबकि 75 अंकों का बाह्य मूल्यांकन। करीब सभी कॉलेजों ने आंतरिक मूल्यांकन का अंक चढ़ाकर डीडीयू के पोर्टल पर अपलोड भी कर दिया है। ये प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय समेत 12 केंद्रों पर बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं 22 जनवरी से चल रही हैं।
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22 जनवरी को ग्रुप ए का पेपर था। इसके बाद 25 को ‘प्रिंसिपिल एंड मेथड ऑफ टीचिंग’ विषय का पेपर था। ये दोनों पेपर 75-75 अंकों के होने चाहिए थे। लेकिन प्रश्नपत्र के ऊपर पूर्णांक 100 दिया है। अंदर भी 15-15 अंकों में बंटे 5 प्रश्न होने चाहिए लेकिन ये 20-20 अंकों के हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र 100 अंक के आ रहे हैं, जबकि 75 अंकों का ही बताया गया था।
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अधिकतम 100 अंक के ही प्रश्नपत्र हैं, जबकि आंतरिक मूल्यांकन को लेकर इस तरह 125 अंक हो जा रहे हैं। शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजेश कुमार सिंह ने दावा किया कि मॉडरेशन में कोई चूक नहीं हुई है। यह प्रिंटिंग प्रेस की चूक है।

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