{"_id":"5f4ba7497deb052a99791e65","slug":"ne-railway-nationwide-ranks-first-in-scrap-disposal-at-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनईआर को स्क्रैप डिस्पोजल में देशभर में पहला स्थान, जानिए कितनी हुई आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनईआर को स्क्रैप डिस्पोजल में देशभर में पहला स्थान, जानिए कितनी हुई आय
Sun, 30 Aug 2020 06:49 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 30 Aug 2020 06:49 PM IST
विज्ञापन
Gorakhpur Railway station
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वोत्तर रेलवे के भंडार विभाग ने देश के सभी क्षेत्रीय रेलों में स्क्रैप डिस्पोजल में पहला स्थान हासिल किया है। यह स्थान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलनात्मक वृद्धि में मिला है। स्क्रैप की बिक्री आईआरईपीएस पोर्टल के माध्यम से की गई।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष में 28 अगस्त 2020 तक स्क्रैप डिस्पोजल से 44.37 करोड़ रुपये का रेल राजस्व अर्जित किया गया है जो वर्ष 2019-20 की इसी अवधि की तुलना में 86.74 प्रतिशत अधिक है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते लॉकडाउन में 16 जून से स्क्रैप डिस्पोजल की प्रक्रिया शुरू हुई तथा इस अल्प अवधि में पूर्वोत्तर रेलवे ने यह उपलब्धि प्राप्त की। रेल दृष्टि के अनुसार स्क्रैप निस्तारण में पूर्वोत्तररेलवे गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में समस्त क्षेत्रीय रेलों में सर्वोच्च रही है।
विज्ञापन
स्क्रैप डिस्पोजल से रेल राजस्व प्राप्त होने के साथ ही रेल परिसर से अवांछित सामग्री को हटाने में भी सफलता मिलती है तथा रेल परिसर साफ-सुथरा हो जाता है।
ई-ऑक्शन से हुई स्क्रैप बिक्री
पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा सभी प्रकार की स्क्रैप सामग्री जैसे रेल स्क्रैप, फेरस स्क्रैप, नॉन फेरस स्क्रैप, खराब वैगन, कोच, इंजन तथा विविध प्रकार के स्क्रैपों की नीलामी की जाती है। स्क्रैप बिक्री की यह प्रक्रिया आईआरईपीएस पोर्टल के माध्यम से ई-ऑक्शन द्वारा की जा रही है जिससे पारदर्शिता के साथ प्रतिस्पर्धा भी रहती है। मानीटरिंग में भी आसानी होती है।