Mock Drill: रामगढ़ताल का जलस्तर हुआ ऊंचा, बाढ़ जैसे हालात, फंसे लोगों को बचाने में हेलीकॉप्टर की भी ली गई मदद
नदी में बचाव कार्य के दौरान लोगों को बाहर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रामगढ़ताल में एनडीआरएफ 11वीं वाहिनी के जवानों तो वहीं बोट के ठीक ऊपर हवा में एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने अभ्यास किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर में भारी बरसात से बृहस्पतिवार को रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई। आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। बाढ़ के पानी में काफी संख्या में लोग घिर गए। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में इसकी जानकारी मिलने के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायुसेना की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन अभिजय के तहत बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसकी वजह से रामगढ़ ताल किनारे अफरातफरी की स्थिति बनी रही।
दरअसल बृहस्पतिवार को रामगढ़ ताल किनारे का नजारा मेगा मॉकड्रिल के तहत नजर आया। मेगा मॉकड्रिल की शुरुआत सुबह 9:30 बजे रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के साथ आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने संबंधी सूचना वायरलेस सेट पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) को मिली। 9:35 बजे ईओसी ने इसकी सूचना विभिन्न विभागों को दी। 9:45 बजे फिर से रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी की सूचना प्रसारित की गई।
9.:50 में इसकी सूचना एनडीआरएफ को दी गई। सुबह 10 बजे एसएसपी ने चरगावां कृषि विद्यालय में कैंप कर रही एनडीआरएफ टीम को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रामगढ़ ताल तक पहुंचाया गया। इसके बाद बचाव और राहत का काम शुरू किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम के अलावा इस अभियान में वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे चले आपरेशन अभिजय अभियान के तहत बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत कैंप में पहुंचाया गया।
डीएम ने इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम को किया लागू
डीएम ने शासन द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को लागू करते हुए अपर जिलाधिकारी को इंसिडेंट कमांडर के रूप में कार्य करने के लिए निर्देशित किया। जिला ईओसी द्वारा समस्त संबंधित विभागों चिकित्सा, पशुपालन, पुलिस, एनडीआरफ, पीएसी बाढ़ दल, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन, सिंचाई, होमगार्ड्स तथा अन्य संबंधित को सूचना भेज कर स्टेजिंग एरिया के रूप में चिह्नित रामगढ़ ताल के जेटी पर रिपोर्ट करने को कहा गया। स्टेजिंग एरिया पर राजस्व एवं पुलिस विभाग ने तत्काल कमांड पोस्ट की स्थापना की और राहत बचाव कार्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित करना प्रारंभ किया। एनडीआरएफ बल को घटनास्थल पर समय से पहुंचने के लिए पुलिस विभाग द्वारा ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया गया।
सीपीआर देकर किया गया युवक का बचाव
जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से अचानक से एक युवक बाढ़ के पानी में डूबने लगता है और मदद के लिए आवाज लगाता है। मौके पर मौजूद एनडीआरएफ टीम तत्परता दिखाकर उसे बाहर निकालती है। एनडीआरएफ के डॉक्टर द्वारा उसकी जांच की जाती है और उसे सीपीआर देकर बचाया गया।
जरूरतमंदों को पहुंचाई गई राहत सामग्री
जिला ईओसी के लिए चंपा देवी पार्क के पास फंसे कुछ लोगों को राहत खाद्य सामग्री किट पहुंचाया जा पाना संभव नहीं हो पा रहा था तो एयरफोर्स स्टेशन से मदद मांगी गई। एयरफोर्स द्वारा अवगत कराया जाता है कि मानक के अनुरूप 3 किलो से अधिक का पैकेट ना हो। पैकेट को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया गया।