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Mock Drill: रामगढ़ताल का जलस्तर हुआ ऊंचा, बाढ़ जैसे हालात, फंसे लोगों को बचाने में हेलीकॉप्टर की भी ली गई मदद

Fri, 08 Jul 2022 10:35 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 08 Jul 2022 10:35 AM IST
सार

नदी में बचाव कार्य के दौरान लोगों को बाहर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रामगढ़ताल में एनडीआरएफ 11वीं वाहिनी के जवानों तो वहीं बोट के ठीक ऊपर हवा में एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने अभ्यास किया।

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NDRF wins people trust by doing mock drill
एनडीआरफ का मेगा मॉक ड्रिल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में भारी बरसात से बृहस्पतिवार को रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई। आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। बाढ़ के पानी में काफी संख्या में लोग घिर गए। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में इसकी जानकारी मिलने के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायुसेना की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन अभिजय के तहत बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसकी वजह से रामगढ़ ताल किनारे अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

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दरअसल बृहस्पतिवार को रामगढ़ ताल किनारे का नजारा मेगा मॉकड्रिल के तहत नजर आया। मेगा मॉकड्रिल की शुरुआत सुबह 9:30 बजे रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के साथ आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने संबंधी सूचना वायरलेस सेट पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) को मिली। 9:35 बजे ईओसी ने इसकी सूचना विभिन्न विभागों को दी। 9:45 बजे फिर से रामगढ़ ताल के जलस्तर में बढ़ोतरी की सूचना प्रसारित की गई।
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9.:50 में इसकी सूचना एनडीआरएफ को दी गई। सुबह 10 बजे एसएसपी ने चरगावां कृषि विद्यालय में कैंप कर रही एनडीआरएफ टीम को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रामगढ़ ताल तक पहुंचाया गया। इसके बाद बचाव और राहत का काम शुरू किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम के अलावा इस अभियान में वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे चले आपरेशन अभिजय अभियान के तहत बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत कैंप में पहुंचाया गया।
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डीएम ने इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम को किया लागू

डीएम ने शासन द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को लागू करते हुए अपर जिलाधिकारी को इंसिडेंट कमांडर के रूप में कार्य करने के लिए निर्देशित किया। जिला ईओसी द्वारा समस्त संबंधित विभागों  चिकित्सा, पशुपालन, पुलिस, एनडीआरफ, पीएसी बाढ़ दल, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन, सिंचाई, होमगार्ड्स तथा अन्य संबंधित को सूचना भेज कर स्टेजिंग एरिया के रूप में चिह्नित रामगढ़ ताल के जेटी पर रिपोर्ट करने को कहा गया। स्टेजिंग एरिया पर राजस्व एवं पुलिस विभाग ने तत्काल कमांड पोस्ट की स्थापना की और राहत बचाव कार्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित करना प्रारंभ किया। एनडीआरएफ बल को घटनास्थल पर समय से पहुंचने के लिए पुलिस विभाग द्वारा ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया गया।

सीपीआर देकर किया गया युवक का बचाव

जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से अचानक से एक युवक बाढ़ के पानी में डूबने लगता है और मदद के लिए आवाज लगाता है। मौके पर मौजूद एनडीआरएफ टीम तत्परता दिखाकर उसे बाहर निकालती है। एनडीआरएफ के डॉक्टर द्वारा उसकी जांच की जाती है और उसे सीपीआर देकर बचाया गया।

जरूरतमंदों को पहुंचाई गई राहत सामग्री

जिला ईओसी के लिए चंपा देवी पार्क के पास फंसे कुछ लोगों को राहत खाद्य सामग्री किट पहुंचाया जा पाना संभव नहीं हो पा रहा था तो एयरफोर्स स्टेशन से मदद मांगी गई। एयरफोर्स द्वारा अवगत कराया जाता है कि मानक के अनुरूप 3 किलो से अधिक का पैकेट ना हो। पैकेट को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया गया।

 

एनडीआरएफ ने रबर मोटराइज्ड बोट से लोगों को निकाला बाहर

एनडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम रबर मोटराइज्ड बोट के माध्यम से रामगढ़ ताल के दो लोकेशन से एयरफोर्स एवं एनडीआरएफ द्वारा फंसे हुए को निकाले जाने का प्रदर्शन किया गया। सभी को राहत शिविर में रखा गया। शिविर में मेडिकल टीम द्वारा घायलों के इलाज का प्रदर्शन किया गया। वहीं, डीएम ने महंत दिग्विजय नाथ पार्क में स्थापित किए गए राहत शिविर के निरीक्षण के उपरांत समस्त विभागों द्वारा स्थापित किए गए स्टॉल का निरीक्षण किया।

प्रदर्शनी लगाकर संसाधनों को किया गया प्रदर्शित

पार्क में एनडीआरएफ द्वारा प्रयुक्त किए जाने वाले संसाधनों, पीएसी 26वीं वाहिनी बाढ़ दल द्वारा बाढ़ के दौरान प्रयोग किए जाने वाले संसाधनों और सिंचाई विभाग ने बाढ़ के दौरान तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए प्रयुक्त किए जाने वाले संसाधनों को प्रदर्शित किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में एंटी स्नेक वेनम तथा क्लोरीन की गोली आदि की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा की गई।

सुनो गोरखपुर के यूट्यूब चैनल के माध्यम से हुआ सजीव प्रसारण

मॉक ड्रिल कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सुनो गोरखपुर के यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण, लखनऊ के सभागार में सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की उपस्थिति में जनपद स्तर पर चल रहे मेगा मॉक ड्रिल का ऑनलाइन मॉनिटरिंग का कार्य किया जाता रहा और समय-समय पर आवश्यक दिशा निर्देश व सुझाव दिए गए।

इनकी रही भागीदारी

अपर पुलिस महानिदेशक, आयुक्त गोरखपुर मंडल, उप पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर जोन, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, समस्त पुलिस अधीक्षक, समस्त अपर जिला अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ, संबंधित विभागों के कार्यालय अध्यक्ष, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आपदा मित्र व सखी, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता आदि ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।
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