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गोरखपुर विश्वविद्यालय: कोर्ट से राहत नहीं, NCTE ही तय करेगा 16 कॉलेजों का भविष्य

Wed, 18 May 2022 03:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 18 May 2022 03:41 PM IST
सार

दाखिले पर प्रतिबंध लगा, तब 16 कॉलेजों के प्रबंधक सक्रिय हुए। कुछ कॉलेजों ने राहत के लिए एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट ने कहा है कि अब एनसीटीई ही इस विषय में राहत दे सकती है।

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NCTE will decide the future of 16 colleges
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल काउंसिल फार टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) को पर्सनल अप्रेजल रिपोर्ट (पार) नहीं देने पर बीएड, एमएड और बीटीसी में प्रवेश लेने से वंचित किए गए गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 16 कॉलेजों को अब राहत मिलने की उम्मीद कम है। इनको हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने एनसीटीई की शरण में जाने की सलाह दी है।
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दो वर्ष पूर्व एनसीटीई ने यह व्यवस्था बनाई कि सभी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों को हर वर्ष पर्सनल अप्रेजल रिपोर्ट देनी होगी। ऐसा न करने वाले कालेजों को बीएड, एमएड और बीटीसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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इस नियम को लेकर कॉलेज बेपरवाह रहे। जब दाखिले पर प्रतिबंध लगा, तब 16 कॉलेजों के प्रबंधक सक्रिय हुए। कुछ कॉलेजों ने राहत के लिए एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट ने कहा है कि अब एनसीटीई ही इस विषय में राहत दे सकती है।
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