नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे: कम उम्र में ही बेटियों के हाथ कर दे रहे पीले, 15 वर्ष की उम्र में 2.4 फीसदी महिलाएं बन गई थी मां
14.6 फीसदी महिलाओं ने माना 18 वर्ष से पहले शादी हो गई थी। गोरखपुर जिले में 958 परिवारों, 1,360 महिलाओं और 135 पुरुषों से जानकारी जुटाई गई।
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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार जिले में 14.6 फीसदी बेटियों के हाथ कम उम्र में ही पीले कर दिए जा रहे हैं। 2.4 फीसदी बेटियां ऐसी हैं, जो कम उम्र में मां बन गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें सुधार की जरूरत है। यह तभी संभव है, जब परिवार के लोग जागरूक होंगे। अब देखना यह है कि लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष करने के बाद अगले नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में क्या असर नजर आता है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच में जिले के 958 परिवारों की 1360 महिलाओं और 135 पुरुषों पर जो जानकारी जुटाई गई है, वह बेहद चिंताजनक है। सर्वे में महिलाओं की स्थिति खराब दिखी है। 20 से 24 वर्ष की शादीशुदा महिलाओं से उनकी शादी की उम्र के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि 15 से 17 वर्ष के बीच ही शादी हो गई थी।
ऐसी महिलाओं की संख्या 14.6 प्रतिशत है। हालांकि, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे चार से यह आंकड़े थोड़े बेहतर हैं। हेल्थ सर्वे चार में यह प्रतिशत 25 था। 15 से 19 वर्ष के बीच 2.4 प्रतिशत महिलाएं मां बन गई हैं। हेल्थ सर्वे चार में यह आंकड़ा 2.1 प्रतिशत था।
55.8 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया की शिकार
सर्वे पांच में 15 से 19 साल की 55.8 प्रतिशत बेटियां एनीमिया की शिकार मिलीं। 15 से 49 साल की 53.4 प्रतिशत बेटियां और महिलाएं एनीमिया से ग्रसित पाई गई हैं। यह आंकड़ा सर्वे चार में 52.0 प्रतिशत था। 15 से 49 साल की बेटियां और गर्भवती 41.4 प्रतिशत एनीमिक मिली हैं। सर्वे चार में यह आंकड़ा 45.6 प्रतिशत था।
5.4 प्रतिशत बेटियां 15 वर्ष के बाद कर रहीं तंबाकू का प्रयोग
जिले की 5.4 प्रतिशत बेटियां ऐसी हैं, जो 15 वर्ष की उम्र के बाद तंबाकू खाना शुरू कर दे रहीं हैं। 15 वर्ष की 0.1 प्रतिशत बेटियां ऐसी हैं, जो शराब का सेवन कर रही हैं।
6.2 प्रतिशत बेटियों और महिलाओं का ब्लड शुगर बढ़ा मिला
सर्वे में 15 से 49 साल की बेटियों और महिलाओं की ब्लड शुगर की जांच की गई है। इसमें 6.2 प्रतिशत बेटियों और महिलाओं का ब्लड शुगर बढ़ा मिला है। इनका ब्लड शुगर 160 से अधिक रहा है।
10.2 प्रतिशत महिलाएं हाइपरटेंशन का शिकार
जिले की 10.2 प्रतिशत महिलाएं हाइपरटेंशन का शिकार मिलीं। इनका ब्लड प्रेशर 140 से 159 के बीच मिला। इनमें 4.6 प्रतिशत महिलाएं ऐसी भी हैं, जो अधिक हाइपरटेंशन का शिकार रही हैं। इनका ब्लड प्रेशर 160 से अधिक रहा है।
2020-21 में आया है नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे पांच 2020-21 में आया है। इससे पूर्व 2015-16 में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे हुआ था। नए सर्वे में कई नए तथ्यों को जोड़ा गया है।
क्या कहती हैं महिला डॉक्टर
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. बबिता शुक्ला ने कहा कि कम उम्र में बेटियों की शादी करना गलत है। इससे बेटियां शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार होती हैं। पिछले कुछ सालों के अंदर इसमें सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। इतना ही नहीं बेटियां अगर एनीमिक होंगी तो उन्हें आने वाले समय में काफी दिक्कतें होंगी। ऐसे में उनके खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि शादी करने का फैसला परिवार के लोग करते हैं। परिवार के लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। अगर परिवार जागरूक हो गया तो इसमें काफी हद तक सुधार आ सकता है। कम उम्र में बेटियों की शादी होती है तो वह कम उम्र में मां भी बन जाती हैं। ऐसे केस हम लोगों के पास भी आते हैं तो उन्हें समझाया भी जाता है। इस पर लोगों को जागरूक करना होगा।