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Gorakhpur News: सड़क और आबादी के बीच कूड़ा फेंक रही नगर पंचायतें
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दुर्गंध से नागरिकों का जीना मुहाल
सफाई के बाद भी बदसूरत लग रहे कस्बे
जिले में कुल हैं 11 नगर पंचायतें
एमआरएफ सेंटर व इसके अभाव वाली दोनों ही निकायों का एक सा हाल
अमर उजाला ब्यूरो/अनिल यादव
गोरखपुर। जिले की नगर पंचायतें सड़क किनारे व आबादी के बीच कूड़े को फेंक रही हैं। इससे जहां दुर्गंध से नागरिकों का जीना मुहाल हो रहा है, वहीं सफाई के बाद भी कस्बे बदसूरत लग रहे हैं। कई जगहों पर मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनकर तैयार हैं, लेकिन मशीनों के अभाव में यह क्रियाशील नहीं हो सके हैं। दूसरी ओर कुछ नगर निकायों में अभी इसका निर्माण बाकी है। कुल मिलाकर स्थिति ऐसी है कि सभी निकाय प्रशासन खुले में ही कूड़ा फेंकने को विवश हैं।
नगर निगम, नगर पालिकाओं की तरह ग्रामीण अंचल की नगर पंचायतों में भी शासन की ओर से स्वच्छता पर जोर है, लेकिन अभी इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। स्थिति यह है कि जनपद की सभी 11 नगर पंचायतें सड़कों के किनारे व आबादी के बीच ही घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलेना वाला कूड़ा फेंक रही हैं। नागरिक कई बार इसका विरोध भी कर चुके हैं, लेकिन बेबस निकाय प्रशासन को कोई दूसरा रास्ता सूझ भी नहीं रहा। यह हाल जिले की सहजनवा, चौरीचौरा और पिपराइच जैसी पुरानी नगर पंचायतों का भी है। जहां अभी तक कूड़ा निस्तारण की मुक्कमल व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
यहां बन गए सेंटर फिर भी कूड़ा सड़क पर
पिपराइच नगर पंचायत में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अभी यह संचालित नहीं है। लिहाजा कस्बे के बाहर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। यहां कुल 17 वार्ड हैं। आबादी 35000 है। नगर पंचायत चौमुखा कैंपियरगंज में भी सेंटर बनकर तैयार है, परंतु उपयोग में नहीं है। कूड़ा कस्बे से सटी एक सड़क पर फेंका जा रहा है। आबादी करीब 24 हजार है और वार्डों की संख्या 14 है। चौरीचौरा में सेंटर बनकर तैयार है। मशीनें भी खरीद ली गई हैं, लेकिन अभी इसे चालू नहीं किया जा सका है। कूड़ा सड़क किनारे ही फेंका जाता है। कस्बे में कुल 16 वार्ड हैं और आबादी करीब 35,000 है। गोला में भी एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन उपयोग में नहीं है। 19 वार्ड और 35,000 की आबादी वाली इस नगर पंचायत का कूड़ा भी सड़क किनारे ही फेंका जा रहा है। पीपीगंज में 19 वार्ड हैं। आबादी 50,000 है। सेंटर मशीनों के अभाव में बंद पड़ा है।
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इन निकायों में अभी तक नहीं बन सकी व्यवस्था
सहजनवां नगर पंचायत में अभी तक एमआरएफ सेंटर नहीं बनाया जा सका है। कस्बे का कूड़ा गहासाड़ बांध की तरफ फेंका जा रहा है। यहां से थोड़ी दूर पर आबादी भी रहती है। निकाय के रिकार्ड में आबादी 32,000 है, लेकिन गीडा क्षेत्र का कस्बा होने के नाते माना जाता है कि यहां करीब 50,000 लोग रहते हैं। वार्डों की संख्या 16 है। घघसरा नवसृजित नगर पंचायत है। वार्ड 16 और आबादी 25,000 है। कूड़ा आबादी के निकट ही फेंका जा रहा है। उरुवा भी नई नगर पंचायत है। कूड़ा अराव जगदीश गांव के पास फेंका जा रहा है। वार्ड 15 और आबादी 25,000 है। उनवल में कुल 14 वार्ड है। आबादी करीब 35,000 है। नगर पंचायत द्वारा कूड़ा कस्बे में ही फेंका जाता है। जिससे लोग परेशान रहते हैं। बांसगांव की कुल आबादी 25,000 है। वार्डों की संख्या 12 है। कूड़ा सड़क के किनारे फेंका जा रहा है।
जलभराव वाले स्थान पर बना दिया सेंटर
बड़हलगंज नगर पंचायत में एमआरएफ सेंटर नदी के किनारे बना है। स्थिति यह है कि बारिश व बाढ़ के समय यहां पानी भरा रहता है। इस समय भी यह उपयोग से बाहर है। नतीजतन कूड़ा सेंटर के निकट एक खाली स्थान पर फेंका जा रहा है। कस्बे की आबादी 50,000 है और वार्ड 18 हैं।
कचरा निस्तारण के लिए नगर पंचायतों में एमआरएफ सेंटर बनवाया गया है। एक-दो जगह फाइनल स्टेज पर है। जांच कराएंगे कि कचरा एमआरएफ सेंटर पर गिर रहा है या नहीं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुरुषोत्तम दास गुप्ता, एडीएम प्रशासन
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सफाई के बाद भी बदसूरत लग रहे कस्बे
जिले में कुल हैं 11 नगर पंचायतें
एमआरएफ सेंटर व इसके अभाव वाली दोनों ही निकायों का एक सा हाल
अमर उजाला ब्यूरो/अनिल यादव
गोरखपुर। जिले की नगर पंचायतें सड़क किनारे व आबादी के बीच कूड़े को फेंक रही हैं। इससे जहां दुर्गंध से नागरिकों का जीना मुहाल हो रहा है, वहीं सफाई के बाद भी कस्बे बदसूरत लग रहे हैं। कई जगहों पर मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनकर तैयार हैं, लेकिन मशीनों के अभाव में यह क्रियाशील नहीं हो सके हैं। दूसरी ओर कुछ नगर निकायों में अभी इसका निर्माण बाकी है। कुल मिलाकर स्थिति ऐसी है कि सभी निकाय प्रशासन खुले में ही कूड़ा फेंकने को विवश हैं।
नगर निगम, नगर पालिकाओं की तरह ग्रामीण अंचल की नगर पंचायतों में भी शासन की ओर से स्वच्छता पर जोर है, लेकिन अभी इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। स्थिति यह है कि जनपद की सभी 11 नगर पंचायतें सड़कों के किनारे व आबादी के बीच ही घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलेना वाला कूड़ा फेंक रही हैं। नागरिक कई बार इसका विरोध भी कर चुके हैं, लेकिन बेबस निकाय प्रशासन को कोई दूसरा रास्ता सूझ भी नहीं रहा। यह हाल जिले की सहजनवा, चौरीचौरा और पिपराइच जैसी पुरानी नगर पंचायतों का भी है। जहां अभी तक कूड़ा निस्तारण की मुक्कमल व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
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यहां बन गए सेंटर फिर भी कूड़ा सड़क पर
पिपराइच नगर पंचायत में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन अभी यह संचालित नहीं है। लिहाजा कस्बे के बाहर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। यहां कुल 17 वार्ड हैं। आबादी 35000 है। नगर पंचायत चौमुखा कैंपियरगंज में भी सेंटर बनकर तैयार है, परंतु उपयोग में नहीं है। कूड़ा कस्बे से सटी एक सड़क पर फेंका जा रहा है। आबादी करीब 24 हजार है और वार्डों की संख्या 14 है। चौरीचौरा में सेंटर बनकर तैयार है। मशीनें भी खरीद ली गई हैं, लेकिन अभी इसे चालू नहीं किया जा सका है। कूड़ा सड़क किनारे ही फेंका जाता है। कस्बे में कुल 16 वार्ड हैं और आबादी करीब 35,000 है। गोला में भी एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार है, लेकिन उपयोग में नहीं है। 19 वार्ड और 35,000 की आबादी वाली इस नगर पंचायत का कूड़ा भी सड़क किनारे ही फेंका जा रहा है। पीपीगंज में 19 वार्ड हैं। आबादी 50,000 है। सेंटर मशीनों के अभाव में बंद पड़ा है।
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इन निकायों में अभी तक नहीं बन सकी व्यवस्था
सहजनवां नगर पंचायत में अभी तक एमआरएफ सेंटर नहीं बनाया जा सका है। कस्बे का कूड़ा गहासाड़ बांध की तरफ फेंका जा रहा है। यहां से थोड़ी दूर पर आबादी भी रहती है। निकाय के रिकार्ड में आबादी 32,000 है, लेकिन गीडा क्षेत्र का कस्बा होने के नाते माना जाता है कि यहां करीब 50,000 लोग रहते हैं। वार्डों की संख्या 16 है। घघसरा नवसृजित नगर पंचायत है। वार्ड 16 और आबादी 25,000 है। कूड़ा आबादी के निकट ही फेंका जा रहा है। उरुवा भी नई नगर पंचायत है। कूड़ा अराव जगदीश गांव के पास फेंका जा रहा है। वार्ड 15 और आबादी 25,000 है। उनवल में कुल 14 वार्ड है। आबादी करीब 35,000 है। नगर पंचायत द्वारा कूड़ा कस्बे में ही फेंका जाता है। जिससे लोग परेशान रहते हैं। बांसगांव की कुल आबादी 25,000 है। वार्डों की संख्या 12 है। कूड़ा सड़क के किनारे फेंका जा रहा है।
जलभराव वाले स्थान पर बना दिया सेंटर
बड़हलगंज नगर पंचायत में एमआरएफ सेंटर नदी के किनारे बना है। स्थिति यह है कि बारिश व बाढ़ के समय यहां पानी भरा रहता है। इस समय भी यह उपयोग से बाहर है। नतीजतन कूड़ा सेंटर के निकट एक खाली स्थान पर फेंका जा रहा है। कस्बे की आबादी 50,000 है और वार्ड 18 हैं।
कचरा निस्तारण के लिए नगर पंचायतों में एमआरएफ सेंटर बनवाया गया है। एक-दो जगह फाइनल स्टेज पर है। जांच कराएंगे कि कचरा एमआरएफ सेंटर पर गिर रहा है या नहीं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुरुषोत्तम दास गुप्ता, एडीएम प्रशासन