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छात्रा की मौत पर बोले पिता: मेरे अरमानों की हो गई मौत...समय से इलाज भी नहीं मिल सका
Sat, 02 Dec 2023 12:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:48 PM IST
सार
राजेश मिश्रा बताते हैं, बड़ा बेटा कौशलेश मिश्रा ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। बेटी गौरी ने इंटर महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज से किया था। इसके बाद वह बीएससी में दाखिला ली थी। सुबह अभी घर से हंसी खुशी निकली थी। उसे कोई बीमारी भी तो नहीं थी।
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डीएवी की छात्रा गौरी मिश्र के मौत के बाद मर्चरी पर रोती मां।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बेटी गौरी नहीं...मेरे अरमानों की मौत हो गई है। मैं, गीता प्रेस में नौकरी करता हूं। बेहतर शिक्षा के लिए ही परिवार लेकर गोरखपुर आया। बेटी भी पढ़ने में होनहार थी, सोचा था कि एक दिन वह कुछ ऐसा करेगी कि पूरे परिवार का सिर गर्व से उठ जाएगा, लेकिन आज लापरवाही से उसकी मौत हो गई है।
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पिता राजेश मिश्रा कहते हैं, मुझे छात्रों ने बताया है कि बेहोश होने के बाद उसे समय से गाड़ी नहीं मिली। अंत में छात्र बाइक से उसे लेकर गए। शायद बेटी पहले अस्पताल पहुंची होती तो उसकी जान बच सकती थी। यह मलाल जिंदगी भर रहेगा कि समय से बेटी को इलाज भी नहीं मिल पाया।
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राजेश मिश्रा बताते हैं, बड़ा बेटा कौशलेश मिश्रा ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। बेटी गौरी ने इंटर महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज से किया था। इसके बाद वह बीएससी में दाखिला ली थी। सुबह अभी घर से हंसी खुशी निकली थी। उसे कोई बीमारी भी तो नहीं थी।
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इसे भी पढ़ें: कॉलेज में बैडमिंटन खेलते समय अचानक छात्रा हुई बेहोश, अस्पताल में मौत के बाद छात्रों ने किया हंगामा
मां को बताई कि आज उसका प्रायोगिक परीक्षा है और इसके बाद वह घर समय से चली आएगी। घर पर सभी यही जान हरे थे कि वह कॉलेज में सुरक्षित है। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि परिवार शायद खुद को भी माफ नहीं कर पाएगा। न जाने अचानक ऐसा क्या हुआ कि बेटी की जिंदगी ही खत्म हो गई।
मां बेसुध, भाई बोला-कभी बीमार भी तो नहीं होती थी गौरी
घटना के बाद मां बेसुध है। वह बार-बार बेहोश हो जा रहीं हैं। परिवार और रिश्तेदारी के लोग मां को संभाल रहे हैं। भाई कौशलेश मिश्रा कहते हैं, उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। कभी वह बीमार भी नहीं होती थी। अचानक उसकी मौत से परिवार सदमे में है। अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि बहन इस दुनिया में नहीं है। भाई ने बताया कि बहन की मौत के ढाई घंटे बाद कॉलेज प्रशासन ने संपर्क किया है, यह गलत है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मां बेसुध, भाई बोला-कभी बीमार भी तो नहीं होती थी गौरी
घटना के बाद मां बेसुध है। वह बार-बार बेहोश हो जा रहीं हैं। परिवार और रिश्तेदारी के लोग मां को संभाल रहे हैं। भाई कौशलेश मिश्रा कहते हैं, उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। कभी वह बीमार भी नहीं होती थी। अचानक उसकी मौत से परिवार सदमे में है। अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि बहन इस दुनिया में नहीं है। भाई ने बताया कि बहन की मौत के ढाई घंटे बाद कॉलेज प्रशासन ने संपर्क किया है, यह गलत है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।